नगरपंचायत सादात मेँ तैनात कर्मियों को बिना नोटिस नौकरी से निकाला गया, कर्मी पहुंचे DM दरबार – लगाया सुप्रीम कोर्ट के मंशा के खिलाफ बर्खास्तगी का आरोप


सादात – गाजीपुर सादात नगर पंचायत में करीब दर्जन भर संविदाकर्मियों को बिना किसी पूर्व नोटिस के सेवा से हटाए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मनमानी से आक्रोशित पीड़ित कर्मचारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी (डीएम) के ‘जनता दर्शन’ में गुहार लगाई। उन्होंने एक शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है। एवं बताया कि भारत के सर्वोच्च न्यायलय नें दिनांक 19 अगस्त 2025 को अपने आदेश द्वारा राज्य को स्पष्ट आदेश /निर्देश दिया है कि दशकों से कार्यरत कर्मचारी को मनमाने ढंग से नहीं निकाला जा सकता एवं बारहमासी प्रकृति के कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता इन्हे नियमित किया जाना आवश्यक है एवं माननीय उच्च न्यायालय प्रयागराज नें भी स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मचारी को बिना नोटिस दिए या बर्खास्त किए सेलरी नहीं रोक सकते l

माननीय न्यायालयों के आदेशों के विपरीत यह मामला प्रकाश मेँ आया है

बिना नोटिस हटाए जाने का आरोप

जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की गुहार लगाने वाले संविदाकर्मियों में रविन्द्र यादव, अशरफ अली, अमन मौर्या, अर्जुन राम, अभय पाण्डेय और अशोक सिंह आदि शामिल हैं। पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि वे पूर्व चेयरमैन के कार्यकाल से पिछले एक दशक से अधिक समय तक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसके बावजूद वर्तमान चेयरमैन ने बिना किसी लिखित सूचना या नोटिस के उन्हें अचानक नौकरी से बाहर कर दिया, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

भाई-भतीजावाद और फर्जीवाड़े की शिकायत

शिकायतकर्ताओं ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व में यहाँ करीब 39 कर्मचारी कार्यरत थे, जिनकी संख्या वर्तमान में बढ़कर 63 हो गई है। कर्मचारियों ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान चेयरमैन और हेड लिपिक (बड़ा बाबू) के परिवार के कई सदस्य इस समय नगर पंचायत कार्यालय में बतौर कर्मचारी कागजों पर तैनात हैं। ये लोग बिना ड्यूटी किए ही हर महीने सरकारी खजाने से वेतन उठा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्परता दिखाई है। उन्होंने जखनियां के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतुल कुमार और सादात नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सोनल जैन को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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