आबिद शमीम
नंदगंज (गाज़ीपुर)।एक समय था जब गांवों और कस्बों में चारों तरफ हरियाली दिखाई देती थी। सड़क किनारे लगे पेड़, खेतों की मेड़ पर खड़े नीम और पीपल, गांव के बाग-बगीचे लोगों को शुद्ध हवा और ठंडक प्रदान करते थे। लेकिन बदलते समय के साथ पेड़ों की कटाई लगातार बढ़ती गई और नए पेड़ लगाने के प्रति लोगों की रुचि कम होती चली गई। आज यही लापरवाही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के रूप में लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या बनकर खड़ी है।
नंदगंज क्षेत्र में इस समय पड़ रही तेज धूप और अत्यधिक गर्मी ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही सूरज आग उगलने लगता है और दोपहर तक सड़कें सुनसान हो जाती हैं। बुजुर्ग, बच्चे और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोग अब यह महसूस करने लगे हैं कि प्रकृति के साथ की गई अनदेखी का परिणाम उन्हें झेलना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा समय-समय पर प्रशासन, ग्राम प्रधानों और संबंधित विभागों को पौधे उपलब्ध कराए गए तथा वृक्षारोपण अभियान भी चलाए गए। स्कूलों, पंचायतों और सरकारी संस्थानों में लाखों पौधे लगाने की योजनाएं बनाई गईं। बावजूद इसके लोगों ने पेड़ लगाने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। जहां पौधे लगाए भी गए, वहां उनकी सही तरीके से देखभाल और सुरक्षा नहीं हो सकी। पानी की कमी, पशुओं द्वारा पौधों को नुकसान और लोगों की लापरवाही के कारण अधिकांश पौधे कुछ ही समय में सूख गए।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पेड़ केवल छाया ही नहीं देते, बल्कि वातावरण को संतुलित रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। पेड़ तापमान को नियंत्रित करते हैं, बारिश लाने में मदद करते हैं और प्रदूषण को कम करते हैं। जब पेड़ों की संख्या घटती है तो धरती का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि हर वर्ष गर्मी का स्तर लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लोग नहीं जागे तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल अपने परिवार के सदस्य की तरह करनी चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार केवल सरकारी प्रयासों से पर्यावरण नहीं बचाया जा सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। गांवों में खाली पड़ी जमीन, स्कूल परिसर, सड़क किनारे और खेतों की मेड़ों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाना चाहिए। साथ ही लगाए गए पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।
आज जरूरत इस बात की है कि लोग पेड़ों का महत्व समझें और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित बनाने में अपना योगदान दें। यदि हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए और उसकी रक्षा करे, तो आने वाले समय में न केवल तापमान कम होगा बल्कि वातावरण भी स्वच्छ और जीवन बेहतर होगा।
