शादियाबाद गाजीपुर। बहरियाबाद थाना क्षेत्र के नादेपुर गांव निवासी एक महिला ने फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर 20 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
नादेपुर निवासी सुनीता देवी पत्नी राकेश चौहान ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पुत्री अंजली चौहान शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के साथ गंभीर बीमारी से पीड़ित है। आरोप है कि रायपुर स्थित आरजी कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के संचालक राहुल गुप्ता और रितिक गुप्ता ने उनकी बेटी का आयुष्मान कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज कराने का भरोसा दिया था।
महिला का आरोप है कि दोनों ने कहा कि उनकी “ऊपर तक पहुंच” है और 20 हजार रुपये देने पर ऐसा आयुष्मान कार्ड बनवा दिया जाएगा, जिससे किसी बड़े अस्पताल में बेटी का इलाज आसानी से हो सके। भरोसे में आकर उन्होंने आरोपितों को आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज और 20 हजार रुपये दे दिए।
कुछ दिनों बाद आरोपितों ने एक आयुष्मान कार्ड बनाकर महिला को सौंप दिया और दावा किया कि अब उनकी बेटी का इलाज कहीं भी कराया जा सकता है। पीड़िता के अनुसार जब वह अपनी पुत्री को लेकर इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ पहुंचीं तो वहां जांच में पता चला कि दिया गया आयुष्मान कार्ड फर्जी है। कार्ड किसी अन्य अंजली कुमारी के नाम पर बना हुआ था।
यह जानकारी होने के बाद जब महिला ने आरोपितों से रुपये वापस मांगे तो उन्हें टालमटोल किया गया। आरोप है कि बाद में गाली-गलौज करते हुए धमकी देकर भगा दिया गया। पीड़िता का कहना है कि मामले की लिखित शिकायत उन्होंने पहले बहरियाबाद थाने में भी की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रार्थना पत्र में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष द्वारा फर्जी शिकायतें और झूठी खबरें फैलाकर उनके परिवार को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनकी दिव्यांग पुत्री को न्याय मिल सके।
