कुशीनगर। जनपद कुशीनगर में रोजगार का सपना लेकर दर्जनों लोगों ने खाद विक्रेता बनने हेतु विभागीय प्रक्रिया पूरी कर खाद का लाइसेंस तो बनवा लिया, लेकिन बीते कई महीनों से वे खाद खारिज (बिक्री सत्यापन) करने वाली मशीन के इंतजार में बैठे हैं। मशीन उपलब्ध न होने के कारण लाइसेंसधारी दुकानदार अपनी दुकानें आज तक नहीं खोल सके हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग द्वारा सभी आवश्यक कागजी कार्यवाही, सत्यापन एवं लाइसेंस जारी होने के बाद भी मशीन उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इससे न केवल दुकानदारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार की रोजगारपरक योजनाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लाइसेंसधारी दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने रोजगार के उद्देश्य से खाद विक्रय केंद्र खोलने की पूरी तैयारी कर ली थी। कई लोगों ने बाजार में दुकानें किराए पर ले ली हैं और बिना दुकान संचालित किए ही महीनों से किराया देने को मजबूर हैं। कुछ लोगों ने दुकान सजावट, गोदाम व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधनों पर भी खर्च कर दिया है, लेकिन मशीन न मिलने से उनका निवेश डूबता नजर आ रहा है।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते सरकार की महत्वपूर्ण आत्मनिर्भर भारत और रोजगार सृजन जैसी योजनाएं कागजों तक सिमटकर रह गई हैं। यदि समय रहते मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई तो कई लोग कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे।
लाइसेंसधारी दुकानदारों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि खाद खारिज मशीनें शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे अपनी दुकानें खोलकर रोजगार शुरू कर सकें और किसानों को भी समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
अब देखना यह है कि विभागीय अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी तत्परता दिखाते हैं और कब तक लाइसेंसधारियों को मशीन उपलब्ध कराई जाती है।इस सम्बंध में जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मशीन के लिए डिमांड भेजा गया है अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।
