धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
जिले में जाति प्रमाण पत्र जारी न होने के विरोध में सोमवार को धनगर समाज के दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दीपक सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शासनादेश के तहत गड़ेरिया समाज की उपजाति धनगर और निखहर का स्थलीय सत्यापन कर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना है। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को प्रमाण पत्र मिले, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया अचानक रोक दी गई, जिससे समाज में आक्रोश है।
धनगर समाज के चंद्रप्रकाश धनगर ने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के कुछ सदस्यों को जाति प्रमाण पत्र मिल गया है, जबकि उनके भाई और बच्चों के आवेदन लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि सभी आवेदकों का निष्पक्ष स्थलीय सत्यापन कर धनगर और निखहर उपजाति की विधिवत जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
रामविलास धनगर ने बताया कि 24 जनवरी 2019 को सरकार द्वारा जारी स्पष्टीकरण आदेश में गड़ेरिया समाज की उपजातियों धनगर और निखहर को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इसके बावजूद धनगर समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
धनगर समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान रमेश, कन्हैया, विनोद, जयराम पंकज पाल और ओमप्रकाश धनगर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
