Dharmendra Bhardwaj | mau
5 आरोपी गिरफ्तार, 13 एटीएम कार्ड, 9 मोबाइल, ग्लू-फेवीक्विक, औजार और कार बरामद
मऊ, 10 फरवरी 2026 (साइबर क्राइम थाना):
एटीएम मशीन में फेवीक्विक लगाकर ग्राहकों के कार्ड फंसाना, दीवार पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर लिखना और फोन आते ही खाते से रकम साफ कर देना—इस शातिर तरीके से ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का मऊ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना की टीम ने 9 फरवरी की रात रामपुर चकिया अंडरपास सर्विस लेन से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन, 13 एटीएम कार्ड, ₹18,600 नकद, 9 मोबाइल फोन (5 कीपैड, 4 स्मार्टफोन), प्लास, पेचकस, चाकू, ग्लू, दो फेवीक्विक, मार्कर, तीन आधार कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ईलामारन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी नगर कृष राजपूत व साइबर थाना प्रभारी शैलेश सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
शिकायत से खुली परतें
17 जनवरी को NCRP पोर्टल पर एक महिला की शिकायत दर्ज हुई थी। पीड़िता ने बताया कि भीटी चौराहे के एटीएम में कार्ड फंस गया। एटीएम कक्ष में लिखे एक नंबर पर उसने कॉल किया। कुछ ही मिनटों में कार्ड गायब हो गया और करीब 10 मिनट के भीतर खाते से ₹20,500 निकाल लिए गए। जांच में वही संदिग्ध नंबर बलिया में 16 जनवरी को हुई ₹1.95 लाख की समान ठगी से भी जुड़ा मिला।
साइबर टीम ने दोनों एटीएम कक्षों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों से एक संदिग्ध कार की पहचान हुई, जिससे आरोपी आते-जाते दिखे। इसी इनपुट पर घेराबंदी कर गिरफ्तारी की गई।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का एक सरगना बिहार व पटना में बैठकर उन्हें संचालित करता है। वही फर्जी सिम और मोबाइल देता, ट्रेनिंग कराता और अलग-अलग राज्यों में भेजता था।
गिरोह में भूमिकाएं तय थीं—
- एक सदस्य एटीएम कक्ष की दीवार पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर लिखता।
- दूसरा मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक लगा देता।
- तीसरा व्यक्ति ग्राहक की ‘मदद’ के बहाने पास खड़ा रहता।
- कार्ड फंसने पर ग्राहक को दीवार पर लिखे नंबर पर फोन करने को कहा जाता, जो साथी के पास रहता।
- औजारों की मदद से फंसा कार्ड निकाल लिया जाता और तुरंत पास के दूसरे एटीएम से पैसे निकाल लिए जाते।
आरोपियों ने कबूल किया कि वे मऊ समेत आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में भी इसी तरीके से ठगी कर चुके हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त
- दीपक कुमार, नवादा (बिहार)
- रीतिक कुमार, नवादा (बिहार)
- चंदन कुमार, नवादा (बिहार)
- दयानंद कुमार, नवादा (बिहार)
- अनीश कुमार, नवादा (बिहार)
पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरोह के सरगना और अन्य नेटवर्क की तलाश जारी है।

