गाजीपुर के जखनियां तहसील के शिशुआपार गांव में राजेश यादव ने लेखपाल पर फर्जी रिपोर्ट के आधार पर अपनी जमीन का पट्टा दूसरे को कराने का आरोप लगाया है। मंगलवार को हुई नापी में राजेश का आरोप सही पाया गया।
राजेश यादव (पुत्र स्व. रामसरन यादव) ने क्षेत्रीय लेखपाल प्रवेश सिंह यादव पर आरोप लगाया। लेखपाल ने उनकी जमीन पुरानी आ. न. 191,193,194 (नया आ. न. 411) पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर विपक्षी शेखर यादव को अवैध पट्टा करा दिया। जब कि राजेश का कब्ज़ा चकबंदी पूर्व होने का बताया
राजेश का कहना है कि शेखर यादव अपात्र हैं और संयुक्त परिवार में रहते हैं। नापी में राजेश का कब्जा 83 कड़ी लंबा और 17 कड़ी चौड़ा मिला। शेखर यादव का मकान 127 कड़ी लंबा और 17 कड़ी चौड़ा ग्राम समाज की जमीन पर पाया गया।
शेखर ने एक मकान और अलग परिवार रजिस्टर का दावा किया, जिसे राजेश ने फर्जी बताया एवं कहा की गांव में 2 मकान एवं लखनऊ में मकान है एवं शेखर संयुक्त परिवार में रहते है इनके परिवार रजिस्टर की प्रमाणित कॉपी हमारे पास उपलब्ध है,इनकी माता सरकारी पेंसन पाती हैं ।यह पूरी तरह से अपात्र हैं एवं राजेश ने बताया कि धारा 67 क के अतर्गत जिसका जितना निर्माण रहता है
उसी पर स्वामित्व मिलता है यहाँ उसके विपरीत हमारी जमीन को दें दिया गया,ग्रामीणों ने कहा कि शेखर के पिता सरकारी नौकरी में थे, मां पेंशन पाती हैं, उनके दो मकान हैं और वे संयुक्त परिवार में रहते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध आवंटन रद्द करने और फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले तथा गांव में विवाद उत्पन्न करने वाले हल्का लेखपाल प्रवेश सिंह यादव का तबादला करने की मांग की।
