सादात गाज़ीपुर
गाजीपुर के सादात ब्लॉक स्थित शिशुआपार गांव में लगभग 8 लाख रुपये की लागत से बना सामुदायिक शौचालय बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। दो पंचवर्षीय योजनाओं में दो ग्राम प्रधानों द्वारा निर्मित यह शौचालय बदहाल स्थिति में है।
ग्रामीणों, अजीत यादव और प्रद्युम्न, ने बताया कि शौचालय में न तो बिजली है और न ही पानी की टंकी। इसका फर्श टूटा हुआ है और भवन के चारों ओर जंगली घास उग आई है, जिससे यह उपयोग योग्य नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिशुआपार गांव के पिछले 15 वर्षों के सभी अभिलेख गायब हैं।
ग्राम पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत सादात यह कहकर जानकारी देने से इनकार कर देते हैं कि पूर्व प्रधान और सचिव ने अभिलेखों का चार्ज नहीं दिया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब अभिलेखों का चार्ज ही नहीं लिया गया, तो ग्राम सभा की समितियों का गठन कैसे हुआ।
उन्होंने अजगरा पोखरा पर प्रतिदिन 82 मजदूरों की हाजिरी लगाने का भी आरोप लगाया, जबकि वहां कोई काम नहीं हो रहा है। इस संबंध में पंचायत सचिव ईश्वर चंद राय ने बताया कि उन्होंने इस कार्य के लिए भुगतान करने से मना कर दिया है और यह कार्य पुराने बीडीओ डॉ. सरजीत सिंह के कहने पर हो रहा था।
सादात ब्लॉक के नए खंड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने हाल ही में कार्यभार संभाला है। उन्होंने कहा कि वह इन सभी कार्यों की जांच करवाएंगे और स्पष्ट किया कि अब पुराने बीडीओ के कहने पर कोई कार्य नहीं होगा। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत पाथवे का निर्माण न होने का आरोप भी लगाया और इसे जल्द बनवाने की मांग की।
