नहर और माइनर में पानी नहीं, अन्नदाता कैसे करें रोपाई


सेवराई। नहरो में पानी न होने के कारण आक्रोशित किसानों ने नहर में खड़े होकर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अन्नदाता की लाइफ लाइन कही जाने वाली गंगा नदी जमानिया से निकली चौधरी चरण सिंह पंप नहर मौजूदा समय में बदहाली के दौर में है। मुख्य नहर सहित रजवाहों, माइनरों और कुलाबों का भी बुरा हाल है। नहरों में पानी नहीं आने से धान की रोपाई को लेकर संकट पैदा हो गया है। रजवाहों और माइनरों में पानी न आने से किसान परेशान हैं। पानी क्या भाव में किसानों के लिए सिंचाई प्रभावित हो रही है जैसे आक्रोशित किसानों ने बुधवार को सिंचाई विभाग के खिलाफ जम का नरबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों ने कहाकि नहरों में पानी नही है उपर से बारिश नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। मानसून की बारिश नहीं होने पर किसानों को नहरों पर भरोसा होता है, लेकिन इस समय मुख्य नहर, माइनरों और रजवाहों में पानी नहीं आने से अन्नदाता परेशान हो गए हैं। नहरों में पानी छोड़ने की मांग करते हैं तो विभागीय अधिकारी समस्याओं को रोना रोने लगते हैं। इस पंप नहर के दिलदारनगर रजवाहा सहित उसियां और सेवराई, करवनिया डेरा माइनर व गोड़सरा टेल में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की धान की रोपाई अधर में लटकी है। स्थिति यह है कि किसानों की तैयार धान की नर्सरी खराब होने लगी है। किसानों का कहना है कि नहरों में पानी नहीं होने के कारण धान की रोपनी नहीं हो पा रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद भी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। किसानों ने आरोप लगाया की योगी सरकार में न तो नहरों में पानी है और न ही सुचारु रुप से बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में किसान खेती कैसे करें।समस्याओं के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी नहरों को देखने तक नहीं आता है। किसानों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से नहरों में क्षमता से पानी छोड़ने की मांग की है।

बरसात न होने और नहरों में पानी न आने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पाए हैं। जुलाई माह अभी खत्म होने वाला है एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई तो धान की खेती पिछड़ने लगेगी जो धान रोपे गए थे वह भी सूख रहे हैं। -मिनहाज खां किसान गोड़सरा

गोड़सरा रजवाहा में जूलाई माह बीतने वाला है। पानी नहीं आया नहर में धूल उड़ रहा है। वहीं बिजली की बदहाली की समस्या भी है। इससे धान की रोपाई व सिंचाई की समस्या बनी हुई है। -हातिम खान किसान गोड़सरा

धान के कटोरे में किसान भाग्य और भगवान के भरोसे खेती कर रहा है। मौसम को दगाबाजी और नहरों में पानी नहीं होने से खेतों की प्यास नहीं बुझ रही है।-तेजू यादव किसान गोड़सरा 

अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं हुई है। नहर में भी पानी नहीं आ रहा है। जिससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। निजी संसाधन से खेती करने पर लागत अधिक आ रहा है जिसका किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।- वसीम खान किसान गोड़सरा

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