नंदगंज(गाज़ीपुर)1मई।अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारद्वाज भवन स्थित सरजू पाण्डेय सभागार में “मजदूरों के समक्ष चुनौतियाँ” विषय पर एक गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि मजदूरों ने अपने बलिदानी संघर्ष और शहादत के बल पर जो अधिकार हासिल किए थे, आज उन पर चौतरफा हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि काम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं और 44 श्रम कानूनों को समेटकर 4 श्रम संहिताओं में बदल दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक कानूनों में उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक बदलाव किए गए हैं। सरकारी नौकरियां लगातार सिमट रही हैं और अब संविदा, ठेकेदारी तथा मानदेय के आधार पर रोजगार दिया जा रहा है। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही है और रोजगार की कोई गारंटी नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि जब मजदूर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते हैं, तो उनका दमन किया जाता है—लाठीचार्ज किया जाता है, फर्जी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जाता है। यहां तक कि मजदूर दिवस मनाने और जुलूस निकालने पर भी रोक लगाई जा रही है। उन्होंने इसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की नीति बताया।
अमेरिका सिंह यादव ने कहा कि इस परिस्थिति में संगठित और असंगठित मजदूरों को चट्टानी एकता कायम कर बड़ा आंदोलन खड़ा करना होगा और कम्युनिस्ट पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।
गोष्ठी में पार्टी के सह सचिव राम अवध, श्रमिक नेता ईश्वरलाल गुप्ता, रामलाल, सुरेंद्र राम, रामजन्म, शमीम अहमद, सूर्यनाथ कनौजिया, रामराज बिंद, अंगद यादव, मंगला प्रसाद, अंबिका चौहान, संजय कुमार, हेमवंती देवी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में शहीद मजदूरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्षता शशिकांत कुशवाहा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव जनार्दन राम ने किया।
