गाज़ीपुर। जनपद के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र में सत्ता की हनक और माफियागिरी का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदर विधायक जै किशन साहू के भतीजे और भुड़कुड़ा से ब्लॉक प्रमुख पद की दावेदारी कर रहे मनीष कुमार साहू पर एक युवक की सरेआम पिटाई और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना का खौफनाक वीडियो 22 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति और पुलिस महकमे में भूचाल आ गया।
चुनावी रसूख या गुंडागर्दी
पीड़ित अनिल राजभर के अनुसार, 13 मार्च को उसका ममेरा भाई सवरु राजभर निलकंठ गैस एजेंसी, जलालाबाद पर गैस लेने गया था। वहां मामूली विवाद को मनीष साहू ने अपनी नाक का सवाल बना लिया और सरेआम गाली-गलौज करते हुए युवक को बेरहमी से पीटा। चर्चा है कि ब्लॉक प्रमुखी की तैयारी कर रहे मनीष साहू क्षेत्र में अपनी दहशत कायम करने के लिए इस तरह की दबंगई कर रहे हैं।
विधायक अंकित भारती ने पुलिस अधीक्षक को लिखा कड़ा पत्र
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सैदपुर विधायक अंकित भारती ने पुलिस अधीक्षक, गाज़ीपुर को पत्र लिखकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की। विधायक ने अपने पत्र में लिखा
“मेरे संज्ञान में एक वीडियो आया है जिसमें एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा दलित युवक को सरेआम जूतों से मारा जा रहा है।पुलिस स्वतः संज्ञान लेते हुए अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज करे। जनपद में किसी भी कमजोर वर्ग का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं होगा, चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।”
क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा का बयान
वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा, शुभम वर्मा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि
“सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में जानकारी साझा करनी है कि पीड़ित व्यक्ति के अनुसूचित जाति होने की खबरें भ्रामक हैं। फिर भी मामला अत्यंत संगीन है, इसलिए पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।”
9 दिन बाद जागी पुलिस
हालांकि घटना 13 मार्च की थी, लेकिन पुलिस ने 22 मार्च को वीडियो वायरल होने और सियासी दबाव बढ़ने के बाद ही 23 मार्च को मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

