गाजीपुर। जिले में रिश्तों और दोस्ती को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 2.5 लाख रुपये के कर्ज और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर एक युवती ने अपने ही बचपन के दोस्त की हत्या की साजिश रच डाली। 9 फरवरी से लापता मनोहर यादव का शव जब गंगा नदी में मिला, तो पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।
मृतक मनोहर यादव 9 फरवरी को अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश के बाद उसकी लाश गंगा नदी से बरामद हुई। पुलिस ने जब जांच की कड़ियां जोड़ीं, तो शक की सुई मनोहर की सहपाठी और उसके भाई परीक्षित पर गई। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
ब्लैकमेलिंग बनी हत्या की वजह
पुलिस के खुलासे के मुताबिक, यह मामला एकतरफा नहीं था। मृतक मनोहर ने अपनी महिला मित्र से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे। एक साल बीत जाने के बाद भी वह पैसे नहीं लौटा रहा था। इतना ही नहीं, वह युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और समाज में उसे बदनाम करने की धमकियां दे रहा था।
रोज-रोज की प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवती ने अपने भाई परीक्षित के साथ मिलकर खूनी खेल की योजना बनाई।
महिला द्वारा मनोहर को धोखे से रजागंज पुल के पास बुलाया गया वहां मौका मिलते ही भाई-बहन ने मिलकर उसका गला घोंट दिया। सबूत मिटाने के मकसद से लाश को गंगा नदी में फेंक दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
गाजीपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी भाई-बहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आरोपियों ने यह कदम उठाया।
