संवाददाता: ओंकार नाथ राय/सोनू राय
कलश यात्रा में डीजे के धुनों पर श्रद्धालु झूम उठें, हर हर महादेव, जय श्री राम की गूंज ने पूरे क्षेत्र को भक्तिभाव में सराबोर कर दिया
गाज़ीपुर: श्रीपुर गांव में भव्य शिव मंदिर,शिव परिवार सहित माँ दुर्गा जी और बजरंग बली हनुमान जी का मंदिर बनकर तैयार l
बुधवार को गांव से शोभा यात्रा यात्रा निकाली गई जो गांव से चलकर कोटवा स्थित गंगा जी जाकर और गंगा जल ले आकर पूरे गाँव ने कार्यक्रम का पहला चरण पूरा किया.
ग्राम सभा श्री पुर में शिव दरबार सहित भोले नाथ का मंदिर बन कर पूर्ण हो गया है.
महाशिवरात्रि के दिन इसकी प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों की संरचना नहीं, बल्कि श्रीपुर की आस्था, एकता और संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।
उल्लेखनीय है कि गांव में अधिष्ठाता बाबा सूर्य नाथ राय के नाम पर निर्मित य़ह मंदिर सुरेश्वर महादेव के नाम पर निर्मित हुआ है
यहां पर माँ दुर्गा जी और हनुमानजी जी की प्राण प्रतिष्ठा भी होनी है.
प्राण प्रतिष्ठा समारोह
महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) को वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी,समारोह से पूर्व बुधवार को भव्य और दिव्य कलश यात्रा निकाली गई
सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आस पास के हजारो लोग, श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे ।- आज जल भरी कार्यक्रम मे- बैडमिंटन बाजार घोडा हाथी चार चक्कागाडिया .मोटर साइकिल से गाडियो का हुजूम शोभा यात्रा को शोभायमान कर रहा था।
शोभा यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता थी कि गांव के हर घर से पुरुष महिलाये सम्मिलित हुयीं. आचार्य बबन पांडेय की उपस्थिति से यात्रा की शोभा देखते ही बनती थी।
इस कलश यात्रा में सैकड़ों युवा युति, महिलाएं, बुजुर्ग सभी महादेव, बजरंगबली व प्रभु राम के भक्तिरस से सराबोर थे। इस कलशयात्रा की भव्यता ऐसी थी कि जिस गांव महलों से होकर गुजरी वहां सड़क के दोनों किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ देखने लायक थी।
इस यात्रा में ग्रामसभा के डॉ के एन राय “कमलेश राय” संपादक रविंद्रनमा हिंदी दैनिक, लोक अधिकार रामवधेश राय,अरुण राय, संजय राय, सुनील राय, प्रमोद राय, साधु राय, रामवधेश राय, उमेश राय, रामविलास राय, बब्बन राय, राहुल राय, पत्रकार सोनू राय, रिंकू राय,आशुतोष राय, छोटन राय, राजू राजभर, सच्चिदानंद तिवारी, बबलू तिवारी और भारी संख्या में महिलाएं और बुर्जुग उपस्थित थे।
