संवाददाता अभिषेक राय
गाजीपुर। त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव–2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। संभावित रूप से मई माह में होने वाले इस चुनाव में सभी आरक्षित पदों का चक्र बदलेगा। इसके साथ ही 10 वर्ष पूरे होने के कारण पंचायतों का नया परिसीमन किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इसका असर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के सभी आरक्षित पदों पर पड़ेगा।
वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में जिन पदों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण लागू था, वे इस बार नए सिरे से निर्धारित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, हर दो आम चुनाव के बाद आरक्षण का चक्र बदला जाता है, जिसके तहत वर्ष 2026 में सभी आरक्षित पदों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
इसी बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य भी चल रहा है। 29 जनवरी तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, जबकि 28 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है। इसके बाद चुनाव की अधिसूचना मार्च के अंतिम या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में जारी होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार पंचायतों में अनुसूचित जाति और जनजाति को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण कुल पदों के आधार पर तय होगा, जबकि ग्राम प्रधान का आरक्षण पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के पदों का आरक्षण भी कुल सीटों के अनुपात में किया जाएगा।
जनपद में वर्तमान में 1,238 ग्राम पंचायतें, 193 न्याय पंचायतें, 15,680 वार्ड सदस्य, 1,679 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 67 जिला पंचायत सदस्य हैं। इसके लिए 1,626 मतदान केंद्र और 4,654 बूथ बनाए गए हैं।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) गुनराज ने बताया कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मतदान केंद्रों का क्रमांकन, वार्ड मैपिंग, कंप्यूटरीकरण और सूची डाउनलोडिंग का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके पश्चात मई माह से पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना है।
