गाजीपुर/सादात। सादात थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बीती रात सादात में एक साथ पांच अलग-अलग स्थानों पर हुई चोरी की घटनाओं ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। चोरों के इस दुस्साहस से जहां आम जनता में खौफ है, वहीं भाजपा नेता और स्कूल प्रबंधक प्रद्युम्न राय और उनका परिवार भी अपनी सुरक्षा को लेकर अत्यंत भयभीत है।
हैरानी की बात यह है कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माने जाने वाले प्रद्युम्न राय के आवास का सीसीटीवी सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ा है। इसका कारण पुलिस प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली है, जिसने जांच के नाम पर जब्त किया गया डीवीआर अब तक वापस नहीं किया है।
थाने में जमा है डीवीआर, घर की सुरक्षा खतरे में
ज्ञात हो कि बीते दिनों एक महिला द्वारा रचे गए कथित फर्जी गोलीकांड के मामले में पुलिस ने जांच के उद्देश्य से प्रद्युम्न राय के घर का डीवीआर अपने कब्जे में लिया था। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि गोलीकांड की कहानी झूठी थी इसके बावजूद, पुलिस ने अब तक उनका डीवीआर नहीं लौटाया है।
डीवीआर थाने में जमा होने के कारण प्रद्युम्न राय के आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरे शो-पीस बनकर रह गए हैं। कैमरों का संचालन पूरी तरह ठप है, जिससे संदिग्ध और अराजक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया है।
चोरों के तांडव से परिवार में दहशत
सादात क्षेत्र में एक ही रात में 5 जगहों पर चोरी होने से यह स्पष्ट है कि अपराधी बेखौफ हैं। ऐसे माहौल में, जब एक भाजपा नेता और के घर की ही निगरानी व्यवस्था बंद पड़ी हो, तो खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
“प्रद्युम्न राय के परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी बंद होने से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और किसी भी वक्त अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।”
क्षेत्र में उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि जब जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है, तो पुलिस डीवीआर वापस करने में देरी क्यों कर रही है? क्या पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है?
स्थानीय नागरिकों का प्रशासन से कहना है कि सादात थाना क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए।
