लोक अधिकार
तमकुहीराज कुशीनगर। नव सृजित नगर पंचायत दुदही में बीती देर रात एक अनोखी और दिलचस्प घटना घटित हुई, जब बिशनपुरा पुलिस ने “अध्यात्म के वेश में चोर” को गिरफ्तार कर लिया। यह वाकया बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे का है, जब पुलिस की गश्ती टीम कस्बे के मुख्य मार्गों से होकर गुजर रही थी। उसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति अकेले टहलता हुआ दिखाई दिया, जो रात की निस्तब्धता में कुछ बड़बड़ा रहा था।
पुलिस ने जब उसे रोककर पूछताछ की, तो युवक ने मुस्कुराते हुए कहा — “मैं सत्य की खोज में निकला हूँ।” इस जवाब ने पुलिस टीम को कुछ पल के लिए चौंका दिया। लेकिन पुलिसकर्मी भी पीछे हटने वालों में से नहीं थे। उन्होंने हंसते हुए कहा — “चलो, पहले थाने चलकर सत्य से ही मिलवाते हैं।”
थाने पहुँचने के बाद जब युवक की तलाशी ली गई, तो उसके पास से चोरी के औज़ार, चाबियों का गुच्छा और कुछ संदिग्ध सामान बरामद हुआ। तभी इस “सत्य के साधक” की असली कहानी सामने आ गई — वह दरअसल एक अध्यात्मिक चोर निकला, जो ध्यान और साधना की आड़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
थाना प्रभारी बिशनपुरा ने बताया कि “पुलिस की सतर्कता और रात्रि गश्त के दौरान एक शातिर चोर पकड़ा गया है। आरोपी खुद को साधु बताकर देर रात गलियों में घूमता था ताकि किसी को शक न हो। अब उससे पूछताछ चल रही है, और उसके गिरोह की भी तलाश की जा रही है।”
इस घटना के बाद कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। कोई इसे “सत्य और चोरी की विचित्र भेंट” बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि “ध्यान में नहीं, अब जेल में करेगा आत्ममंथन।”
स्थानीय लोगों ने पुलिस की मुस्तैदी और चतुराई की खुलकर प्रशंसा की है। दुदही के नागरिकों ने कहा कि पुलिस की रातभर की गश्त और तत्परता से इलाके में सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।
अंत में, कहा जा सकता है — “सत्य की खोज में निकला चोर अब न्याय के दरबार में सच्चाई बताने को मजबूर है।”

