मुख्यमंत्री ने हथियाराम मठ में प्रबुद्ध जनों से किया संवाद और जनसभा को किया सम्बोधित
गाज़ीपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर के हथियाराम मठ में एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने गाजीपुर की समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास को उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र रामायण काल से ही आध्यात्मिक चेतना और ऊर्जा का केंद्र रहा है।
गाजीपुर की समृद्ध परंपरा
गाजीपुर जनपद समृद्ध परंपरा और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। यह क्षेत्र नौ सौ वर्षों से अधिक समय से श्रद्धालुओं की आस्था और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। हथियाराम पीठ से सन्यासियों की परंपरा शुरू हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में धार्मिक जागरण का कार्य किया।
भारत की पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की पहचान धार्मिक और आध्यात्मिक वृत्ति से होती है। उन्होंने कहा कि हमारे मठ और मंदिर न केवल धार्मिक स्थल हैं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना और एकता के सूत्र में देश को बांधने का कार्य भी करते हैं।
अयोध्या में ऐतिहासिक बदलाव
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए ऐतिहासिक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आठ वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर एक सपना था, लेकिन आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर साकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संकल्प आतंकवाद को खत्म करने और न्याय स्थापित करने का था।
एकता और समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर भारतीय के मन में भारतीयता का भाव होना चाहिए। उन्होंने मठ, मंदिरों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरोद्धार पर बल देते हुए कहा कि सज्जनों का हर हाल में संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीयता से ऊपर उठकर एकजुटता से कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की विशेषताएं
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन, साधु-संत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान हथियाराम मठ परिसर में आध्यात्मिक माहौल और धार्मिक उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रशासनिक और राजनैतिक प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के विचारों का समर्थन करते हुए मठों और मंदिरों की परंपरा को भारत की सांस्कृतिक एकता का मजबूत आधार बताया ये बाते राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक समरसता विषयक प्रबुद्धजन संवाद संगम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 900 वर्ष प्राचीन इस सिद्धपीठ में आकर देवी माँ के दर्शन पूजन का उन्हें जो सौभाग्य प्राप्त हुआ है, उसके लिए मठ के पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति महाराज का साधुवाद करते हैं, जिनके बुलावे पर उन्हें यहां आने का सौभाग्य मिला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाजीपुर जनपद समृद्ध परंपरा का उद्गम स्थल है। धरती माता की प्रकृति से भी यहां की एक पहचान है। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रत्येक देश की अलग-अलग पहचान है, लेकिन भारत की अपनी धार्मिक पहचान है। त्रेता युग से आध्यात्मिक रूप में भारत जाना जाता है। उन्होंने मठ के पीठाधिपति एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज द्वारा लोक मंगल की कामना के साथ किए जाने वाले धार्मिक और अन्य कार्यों की सराहना किया। आध्यात्मिक चेतना को ध्यान में रखकर जो काम करेगा उसका परिणाम भारत को विकसित करने में सार्थक होगा, बस धैर्य रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज से सात से आठ वर्ष पहले लोगों के लिए यह सपना था और विरोधियों के लिए बोलने का मौका था। पूरा देश सनातन एकजुट होगा संकल्प लिया, जिसका परिणाम सामने है प्रधानमंत्री मोदी जी रामलला को अपनी जन्मभूमि में विराजमान किया। कहा कि भगवान राम के लिए बलिदान देने वाले जटायु हों या फिर निषाद, इनके नाम पर भी आज अयोध्या में पहचान के लिए एक स्थल बना है। भगवान राम के पैदा होने से पहले ही ऋषि मतंग ने माता शबरी को उनके आने की भविष्यवाणी कर दी थी। यही भारत की संत परंपरा है। उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थ के लिए महापुरुषों पर टिप्पणी करना सरासर गलत है। कहा कि आज हर भारतीय को एकता के सूत्र में बंधने की जरूरत है। यदि हम बटेंगे तो कटेंगे। एक थे तो नेक थे। उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति सबका सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के परिजनों तथा महावीर चक्र विजेता शहीद रामउग्रह पाण्डेय के परिजनों का सम्मान करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने परिवारवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद से ऊपर उठकर देश के लिए कार्य करने की अपील किया। उन्होंने कहा कि मां भारती को नुकसान पहुंचाने वाले आतताइयों को जवाब देने के लिए हमें भी तैयार रहना होगा। डबल इंजन की सरकार जो कहती है उसे पूरा करती है। हम जो पूरा करते हैं उसे ही बोलते हैं पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के रूप में जाना जाता है। जहां पर 33 करोड़ देवता रहते हैं। उस मिट्टी से निकले योगी आदित्यनाथ जी को राष्ट्र भारत के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। जब योगी जी गो के चरणों में शरणागत हुए तो लग रहा था कि भगवान के रूप में आ गए हैं। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत रूप से जब उनके आवास पर मैं मिला तो इन्होंने हृदय से स्नेह दिया। एक गिलास दूध दिया कहा यह सहज दूध नहीं है। मैं तो बाहर निकलने पर पानी भी नहीं पीता परंतु वहां पहुंचे तो प्रसाद रूपी गाय माता के दूध को मैं 29 वर्षों के तप को भी भूलकर ग्रहण कर लिया। गया। उन्होंने कहा कि आज योगी जी मठ परिसर में आ ही गए। जनता पूछती थी कि योगी जी कब आएंगे, परंतु अपना प्रारब्ध कर्म मानव को सफल बनाता है। मैं गौ माता के चरणों में सर झुकाकर योगी जी राष्ट्रभक्ति को प्रणाम करता हूं। योगी जी का सपना में उनके चरित्र व राम के चरित्र में कोई अंतर नहीं है कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री रविंद्र जायसवाल, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, एमएलसी विनीत सिंह, राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत, विधायक बेदी राम, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, भानू प्रताप सिंह, सुनील सिंह, कृष्ण बिहारी राय, डा. सानंद सिंह, देवरहा बाबा बिरनो, सत्यानंद महाराज, सरोज कुशवाहा, रणजीत सिंह, सादात उत्तरी मण्डल अध्यक्ष दिनेश सिंह सिंटू, प्रद्युम्न राय, यशवंत वर्मा, सचिन सोनकर, चन्दन वर्मा सहित काफी संख्या में लोग रहे। संचालन संतोष यादव ने किया।
कार्यक्रम समापन के उपरांत हजारों की संख्या में लोगों ने सिद्धपीठ हथियाराम मठ में प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर क्षेत्र के प्रांत प्रचारक श्री राम सिंह की वयोवृद्ध माता रुक्मिणी देवी को अंगवस्त्रम देकर मंच पर सम्मानित किया।
