उतरांव। क्षेत्र के उतरांव गांव का ऐतिहासिक रामलीला मेला मंगलवार को रावण दहन के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। राम-रावण के बीच हुए भीषण संग्राम का मंचन देखने के लिए रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में महिला और पुरुष पहुंचे। अंतिम समय तक दर्शक मैदान में डटे रहे। सुरक्षा के मद्देनजर करीमुद्दीनपुर पुलिस पूरे मेला क्षेत्र में चक्रमण करती रही।
मंचन के दौरान भगवान राम की भूमिका में आशीष तिवारी और लक्ष्मण की भूमिका में सत्यम तिवारी के संवादों को दर्शकों ने खूब सराहा। हनुमान के रूप में ज्ञानेंद्र तिवारी और अंगद की भूमिका में शिवजी गुप्ता ने शानदार अभिनय किया। वहीं रावण के किरदार में एहसान अंसारी, अहिरावण के रूप में कालीचरण कुशवाहा और कुंभकरण की भूमिका में विनोद कुशवाहा ने अपने अभिनय से खूब तालियां बटोरीं। जामवंत की भूमिका मोहम्मद इम्तियाज अंसारी, इंद्रजीत की ब्रह्मानंद यादव, सुशेन वैद्य की पवन कुमार और मकरध्वज की भूमिका टुन्नू अंसारी ने निभाई।
राम-रावण युद्ध के दौरान मैदान में दोनों दलों के जयकारे गूंजते रहे। रावण वध के बाद भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद करीब 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। मेले में लगी दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की और मिठाई, चाट सहित अन्य व्यंजनों का आनंद लिया।
उतरांव की रामलीला की खास पहचान हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब है। यहां मुस्लिम समुदाय के लोग भी विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाकर आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी करते हैं। युवा नेता हिमांशु राय ने मेले में पहुंचकर चबूतरे और मेला स्थल की सीढ़ियों का निर्माण कराने का वादा किया। मेला प्रबंधक हरिहर तिवारी ने आयोजन में पहुंचे सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
