धर्मेन्द्र भारद्वाज। मऊ
मऊ। जिले के जमालपुर बुलंद गांव की अंबेडकर बस्ती में रहने वाले करीब 30-35 परिवार आज भी मुख्य मार्ग से सीधे नहीं जुड़ पाए हैं। बस्ती तक पक्की और सुगम सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क/सार्वजनिक रास्ते का निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार बस्ती तक कोई उचित एवं सुगम सार्वजनिक सड़क नहीं है। बाइक, ई-रिक्शा, ठेला, चारपहिया वाहन और यहां तक कि एंबुलेंस भी बस्ती तक नहीं पहुंच पाती। बताया कि पुराना रास्ता अतिक्रमण के कारण बंद हो गया है। ग्रामीणों की ओर से छोड़े गए वैकल्पिक रास्ते का भी अभी तक निर्माण नहीं कराया गया है।
### **बीमार और बुजुर्गों को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी**
सड़क के अभाव में बस्ती के लोगों को सबसे अधिक परेशानी बीमारी और आपात स्थिति में होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार मरीजों और बुजुर्गों को चारपाई पर लिटाकर करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही उन्हें वाहन से अस्पताल पहुंचाया जा सकता है।
बरसात के दिनों में रास्ते में पानी और कीचड़ होने से बच्चों के स्कूल जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक शादी-विवाह के दौरान भी लोगों को मुख्य मार्ग से करीब 500 मीटर दूर स्थित खड़ंजे से पैदल बस्ती तक पहुंचना पड़ता है।
### **रोजगार पर भी पड़ रहा असर**
बस्ती के कई लोग ई-रिक्शा और ठेला चलाकर रोजी-रोटी कमाते हैं। लेकिन सड़क न होने के कारण उन्हें अपने वाहन गांव के बाहर मुख्य मार्ग के पास खड़े करने पड़ते हैं। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों को बाजार, अस्पताल, बैंक और विद्यालय आने-जाने में प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ती है।
### **ग्रामीणों ने डीएम से जांच की मांग की**
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बस्ती का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा पुराने रास्ते के राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पुराना रास्ता सार्वजनिक या राजस्व मार्ग है तो उसे अतिक्रमण मुक्त कराकर चालू कराया जाए। वहीं आवश्यकता होने पर ग्रामीणों द्वारा छोड़े गए रास्ते अथवा किसी अन्य उपयुक्त मार्ग का निर्माण कराने की मांग की गई है।
**ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। उनका कहना है कि सड़क बनने से 30-35 परिवारों को आवागमन की बड़ी समस्या से राहत मिल सकेगी।**
