धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के शासी निकाय की बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कड़ी नाराजगी जताई। कैंप कार्यालय सभागार में हुई बैठक में उन्होंने लीड बैंक मैनेजर को फटकार लगाते हुए लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आया कि जिले के बैंकों में प्रतिदिन औसतन महज 10 ऋण आवेदनों की स्वीकृति हो रही है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी कि इस माह बैंकिंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लीड बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कम ऋण वितरण करने वाले बैंकों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित बैंक की जिले में क्रियाशीलता बंद करने की चेतावनी दी गई।
बैठक में बताया गया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत 19,275 आवेदनों का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 14,645 आवेदनों को ऋण स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 4,630 आवेदन अभी लंबित हैं। यूनियन बैंक में 289, एसबीआई में 221, बड़ौदा यूपी बैंक में 196 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 107 आवेदन लंबित मिले।
निकायवार समीक्षा में मऊनाथ भंजन नगर पालिका में 2,881 और कोपागंज में 636 आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को नए आवेदन बढ़ाने और लंबित मामलों में लाभार्थियों तथा बैंक अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय करने के निर्देश दिए। खराब प्रदर्शन करने वाले दो अधिशासी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की समीक्षा में डीएम ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण, शत-प्रतिशत जियो टैगिंग और पात्र लाभार्थियों का गंभीरता से स्थलीय सत्यापन कराने को कहा। उन्होंने डूडा के प्रस्तावित कार्यों का अनिवार्य स्थल निरीक्षण करने तथा विवादित भूमि की पूरी जांच के बाद ही डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
