धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान विकासखंड बड़रांव की प्रगति कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित एमओआईसी को प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा। वहीं, फतेहपुर मंडाव में बेहतर प्रगति पर संबंधित एमओआईसी की प्रशंसा की।
टीकाकरण की धीमी प्रगति पर जताई चिंता
जिलाधिकारी ने टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी एमओआईसी को विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चों और लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जाए।
परिवार नियोजन में लक्ष्य के सापेक्ष बढ़ाने होंगे प्रयास
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी का वार्षिक लक्ष्य 21 और महिला नसबंदी का लक्ष्य 3713 निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक चार पुरुष और 238 महिलाओं की नसबंदी हुई है। जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति बढ़ाने और लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
200 से अधिक ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त
टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 200 से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा शेष क्षेत्रों में भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समय पर पहुंचेंगी 102 और 108 एंबुलेंस
बैठक में एंबुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में 102 सेवा की 27 एंबुलेंस संचालित हैं। शहरी क्षेत्रों में कॉल समाप्त होने के 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचना अनिवार्य है। वहीं 108 इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सर्विस के तहत 23 एंबुलेंस संचालित हैं, जिन्हें कॉल समाप्त होने के 15 मिनट के भीतर रोगी तक पहुंचना होता है। निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
बैठक में संस्थागत प्रसव लाभार्थी भुगतान, आशा भुगतान, एफआरयू की मासिक रिपोर्ट, चाइल्ड डेथ रिव्यू, एमएसआई रिपोर्ट, परिवार नियोजन, टीकाकरण, एनएलईपी, आरबीएसके, जिला चिकित्सालय, एसएनसीयू, पोषण पुनर्वास केंद्र, रक्त कोष, आयुष्मान भारत, 102 एवं 108 एंबुलेंस तथा एएलएस सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीके यादव, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीपी आर्या, जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक मौजूद रहे।
