धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
घोसी (मऊ)। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नदवासराय क्षेत्र के ग्राम देइथान में बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों को विभिन्न कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और पुलिस सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन तथा घोसी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में मिशन शक्ति और एंटी रोमियो स्क्वायड की टीम ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिला उपनिरीक्षक ऋचा सोनी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की हिंसा, प्रताड़ना, छेड़छाड़ अथवा दहेज उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने और तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग से सहायता लेने की अपील की। साथ ही महिलाओं को समस्याओं के समाधान के लिए परिवार, पुलिस और संबंधित अधिकारियों से खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विवाहित महिलाओं को घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी समस्याओं से बचाव तथा उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। वहीं छात्राओं और युवतियों को सुरक्षित वातावरण बनाए रखने, असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस टीम ने महिलाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं और सरकार द्वारा संचालित महिला सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं और उनके सुझाव भी लिए गए।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मी, आशा बहू, सहायिका तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। महिला कांस्टेबल स्वाति पाल, स्मिता पटेल सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने भी जागरूकता कार्यक्रम में सहभागिता की।
