सेवराई। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील सेवराई ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ), एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम की ओर से लेखपालों के खिलाफ की जा रही कथित गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सेवराई गजराज सिंह यादव के माध्यम से भेजकर अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई कार्रवाई की स्वतंत्र एजेंसी अथवा एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संघ ने पत्रक के माध्यम से कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को पहुंचाने के साथ भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण और अन्य राजस्व कार्यों का निस्तारण करते हैं। ऐसे में कई बार भूमि विवाद अथवा अन्य मामलों में रंजिश रखने वाले लोग निजी स्वार्थ के चलते झूठी शिकायत कर लेखपालों को फंसाने का प्रयास करते हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, शिकायत के उद्देश्य तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की भूमिका और अधिकार क्षेत्र की पर्याप्त जांच किए बिना ट्रैप कार्रवाई की जा रही है। इससे लेखपालों में भय और मानसिक प्रताड़ना की भावना बढ़ रही है तथा वे निष्पक्ष होकर कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं।
संघ ने 20 अगस्त को अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संघ ने सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, शिकायत और प्री-ट्रैप प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से समीक्षा कराने की मांग की है।
लेखपाल संघ ने कहा कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, आपसी रंजिश और शिकायत के उद्देश्य की जांच अनिवार्य की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिस कार्य को लेकर शिकायत की गई है, वह वास्तव में संबंधित लेखपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है या नहीं। संघ ने केवल मौखिक शिकायत के आधार पर कार्रवाई नहीं करने तथा झूठी शिकायत या षड्यंत्र के जरिए कर्मचारी को फंसाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता है। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने या लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारी को निजी रंजिश अथवा फर्जी शिकायत के आधार पर फंसाना स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही एसीओ एवं विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के लिए स्पष्ट और पारदर्शी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी करने की मांग की गई।
इसी मांग को लेकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों की 351 तहसीलों में लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार करते हुए एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री से सोहावल प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष कर्मचारी को न्याय दिलाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान लेखपाल दया शंकर, जीतलाल चौधरी, अमरेंद्र गुप्ता, चंद्रदीप यादव, पीयूष सिंह, दानिश सईद, उपेंद्र राम, शेषनाथ कुशवाहा, छोटेलाल, चंद्रशेखर भारती, झिंगुरी राम, अजीत कुमार, फिरोज अहमद, शहंशाह आलम, करमजीत सिंह, सिद्ध नारायण उपाध्याय, अनिल कुमार, सुनील राम, वसीम खान सहित तहसील के अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
