धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
गैंगस्टर एक्ट के तहत 8 लोगों की संपत्ति पर कार्रवाई, गुंडा एक्ट में 9 बदमाश जिलाबदर
मऊ। अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने मई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक विभिन्न अधिनियमों के तहत व्यापक कार्रवाई की है। जिलाधिकारी आनंद वर्धन के निर्देश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत आठ लोगों की करीब 9.01 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए।
कार्रवाई के तहत नवीन सिंह उर्फ रिक्कू, प्रवीण सिंह और विपिन सिंह, पुत्रगण हरिश्चन्द्र, निवासी भदेसरा, थाना दक्षिणटोला की करीब 6.80 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि कुर्क की गई। इसके अलावा मसूद अख्तर उर्फ मसूद अहमद निवासी करीमुद्दीनपुर, घोसी की 93.53 लाख रुपये मूल्य की भवन संपत्ति तथा मो. खालिद अंसार की 53.89 लाख रुपये मूल्य की भवन संपत्ति भी कार्रवाई की जद में आई।
प्रशासन के अनुसार गैंगस्टर एक्ट के तहत अन्य मामलों में अनुज कुमार यादव का पिकअप वाहन, विजय कुमार का बोलेरो पिकअप, अभिषेक कुमार यादव उर्फ कन्हैया यादव का बोलेरो वाहन, मदनमोहन यादव उर्फ डब्लू के दो वाहन तथा सतीश सिंह उर्फ बबलू, अवनीश सिंह उर्फ मिंटू एवं मनीष सिंह उर्फ पिन्टू की दो भवन संपत्तियों को भी कुर्क करने की कार्रवाई की गई।
गुंडा एक्ट में 9 बदमाश जिलाबदर
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत 10 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें नौ अभियुक्तों को जिलाबदर किया गया, जबकि एक अभियुक्त के खिलाफ मासिक हाजिरी की कार्रवाई की गई। जिलाबदर किए गए अभियुक्तों में अभिषेक यादव उर्फ गणेश यादव, रिक्की खान, दिव्यांश उर्फ आशीष, रोहित उर्फ फोटो, सरफराज अहमद, दानिश, विनोद यादव, अफजल उर्फ अफजल अंसारी और दिलशाद उर्फ मोनू शामिल हैं। वहीं आनन्द यादव के विरुद्ध मासिक हाजिरी की कार्रवाई की गई।
तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त
शस्त्र अधिनियम के तहत तीन अभियुक्तों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए। इनमें प्रेमचन्द यादव, रामअशीष पटेल और मानस मिश्रा शामिल हैं।
गोवध अधिनियम में भी कार्रवाई
गोवध अधिनियम के तहत तीन अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई गोविन्द कुमार, कुलदीप सिंह और हरीश बाबू के विरुद्ध की गई।
इस प्रकार मई से 13 अगस्त 2026 तक मऊ जनपद में गुंडा नियंत्रण अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और गोवध अधिनियम के तहत कुल 16 अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
