धर्मेन्द्र भारद्वाज | मऊ
मऊ। स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से ‘मिशन सेफ फ्यूचर-2.0’ अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया जा रहा यह अभियान 11 से 25 अगस्त तक चलेगा। अभियान के पहले दिन मंगलवार को परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने हलधरपुर स्थित डी.डी. पब्लिक स्कूल और रतनपुरा के अवध पब्लिक स्कूल क्षेत्र में स्कूली वाहनों की जांच की।
जांच के दौरान नियमों का पालन न करने वाले 10 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि एक वाहन को निरुद्ध कर दिया गया। अधिकारियों ने वाहन चालकों के चरित्र सत्यापन को लेकर भी विद्यालय प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए।
निजी वाहनों से बच्चों को ढोने पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्कूली बच्चों को निजी वाहनों से ढोने की व्यवस्था तत्काल बंद कराई जाए। यदि किसी विद्यालय से संबंधित निजी वाहन से कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और वाहन स्वामी की होगी।
फिटनेस और परमिट जरूरी, नहीं तो एफआईआर
चेकिंग के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि जिन स्कूली वाहनों की फिटनेस या परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल वैध दस्तावेजों से आच्छादित कराया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित फिटनेस और परमिट के बिना वाहन संचालित पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जा सकती है।
वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य
विद्यालय प्रबंधकों को सभी स्कूल वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त चेकिंग अभियान में परिवहन विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद, प्रवर्तन सिपाही अनुप कुमार और दुर्गविजय यादव तथा यातायात पुलिस के टीआई श्याम शंकर पाण्डेय के साथ पुलिसकर्मी शरद यादव, उमाकांत, प्रवीण गुप्ता और संजय यादव शामिल रहे।
परिवहन विभाग ने जिले के सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे अपने विद्यालय में संचालित सभी वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की वैधता सुनिश्चित करें, ताकि स्कूली बच्चों का आवागमन सुरक्षित बनाया जा सके।
