समधी प्रख्यात शायर वसीम बरेलवी सहित परिजनों और शुभचिंतकों ने दी श्रद्धांजलि, दुआओं और इंसानियत के संदेश के बीच भावुक हुआ माहौल।
नंदगंज, गाज़ीपुर। जीवनसाथी का साथ भले ही समय छीन ले, लेकिन उसकी यादें हमेशा दिल में ज़िंदा रहती हैं। ऐसी ही भावुक तस्वीर उस समय देखने को मिली, जब नाबार्ड बैंक के सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक (चीफ जनरल मैनेजर) नुरुल्लाह सिद्दीकी ने अपनी स्वर्गीय पत्नी की पहली बरसी पर उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा माहौल दुआओं, यादों और भावनाओं से भर उठा।
बरसी के अवसर पर फातिहा और कुरानखानी का आयोजन किया गया, जिसमें स्वर्गीय आत्मा की मग़फिरत और जन्नत में आला मुकाम की दुआ की गई। इसके बाद नुरुल्लाह सिद्दीकी अपने परिजनों के साथ मजार पर पहुंचे, जहां फूल अर्पित कर नम आंखों से अपनी जीवनसंगिनी को याद किया और उनकी रूह की सुकून के लिए विशेष दुआ की।
श्रद्धांजलि को केवल रस्म तक सीमित न रखते हुए, उन्होंने गरीब और जरूरतमंद बच्चों को भोजन कराकर इंसानियत, सेवा और परोपकार का संदेश दिया। इस मानवीय पहल ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने दिवंगत के स्नेहमयी व्यक्तित्व, उनके नेक स्वभाव और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर नुरुल्लाह सिद्दीकी के समधी, देश के प्रख्यात शायर वसीम बरेलवी का भी उल्लेख सम्मानपूर्वक किया गया। परिवार से जुड़े सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दुआ करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उल्लेखनीय है कि नुरुल्लाह सिद्दीकी का पैतृक निवास गाज़ीपुर जनपद के बुजुर्गा गांव में है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं, लेकिन अपने गांव, अपनी मिट्टी और पारिवारिक-धार्मिक परंपराओं से उनका गहरा जुड़ाव आज भी कायम है। पहली बरसी का यह आयोजन न केवल एक पत्नी के प्रति अटूट प्रेम और सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों का भी प्रेरणादायक संदेश दे गया।
