ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त,प्रशासक के तौर पर ग्राम पंचायतों के विकास कार्य देखेंगे और गांव की सरकार चलाएंगे


सेवराई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आज समाप्त हो गया है। शासनादेश के अनुसार, अब ग्राम प्रधान ही प्रशासक के तौर पर ग्राम पंचायतों के विकास कार्य देखेंगे और ‘गांव की सरकार’ चलाएंगे। अल दिनदार शम्सी म्यूजियम एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. कुमार नसीम राजा सिकरवार ने बताया कि इससे पहले भी कई बार विषम परिस्थितियों में चुनाव न होने के कारण ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया गया है। डॉ. कुंवर नसीम राजा सिकरवार ने जानकारी दी कि ग्राम प्रधानों का चुनाव प्रतिवर्ष न होकर प्रत्येक पांच वर्ष पर होता है। भारत में पंचायती राज अधिनियम 1947 में लागू हुआ था, जिसके बाद ग्राम पंचायतों के विकास के लिए ग्राम प्रधानों का चुनाव शुरू हुआ। देश में पहली बार 1952 में ग्राम प्रधान चुने गए थे। 1952 से अब तक कई बार ऐसी विशेष परिस्थितियां आई हैं, जब चुनाव नहीं हो पाए। उदाहरण के लिए, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के कारण चुनाव नहीं हुए थे। इस वजह से 1960 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 1970 तक चला, जो लगभग 10 वर्ष का रहा। इसी प्रकार, 1992 के दौरान भी विषम परिस्थितियों में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया गया था। इसके परिणामस्वरूप, 1988 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों को पांच साल के बजाय दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिला, और अगला चुनाव 1995 में हुआ। 1995 के बाद से चुनाव लगातार पांच साल के अंतराल पर होते रहे हैं। हाल ही में, कोरोना महामारी के दौरान भी ऐसी स्थिति बनी थी। 2020 में होने वाले चुनाव कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण टाल दिए गए थे, और भारत सरकार ने राज्यों में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल कुछ महीनों के लिए बढ़ा दिया था। इसके बाद 2021 में ग्राम प्रधानों के चुनाव संपन्न हुए। डॉ. सिकरवार ने बताया कि 1947 के अधिनियम और 1952 से शुरू हुए चुनावों के बाद से, विभिन्न राज्यों में ग्राम प्रधानों के चुनाव कई बार टाले गए हैं और उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। इसलिए, यह संभव है कि वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल भी कुछ माह अथवा कुछ वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

error: Content is protected !!
नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 9415000867 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें