भांवरकोल। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर भांवरकोल क्षेत्र के बढ़नपुरा गांव के पास ओकी नदी पर बनी करीब दो सौ वर्ष पुरानी सकरी पुलिया अब हादसों का कारण बनती जा रही है। बीते शनिवार देर रात एक ट्रेलर पुलिया की उत्तरी रेलिंग तोड़ते हुए निकल गया। संयोग अच्छा रहा कि ट्रेलर नीचे गड्ढे में नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
यह पुलिया अंग्रेजों के जमाने में निर्मित बताई जाती है उस समय मार्ग कि चौड़ाई कम थी। लेकिन उसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-31 का चौड़ीकरण तो हो गया, लेकिन पुलिया आज भी पुरानी और संकरी स्थिति में ही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद बिहार, बंगाल समेत कई राज्यों के भारी वाहन इसी मार्ग से गुजर रहे हैं, जिससे यहां दिन-रात जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार घंटों तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
पुलिया की स्थिति को लेकर मंगलवार को एनएचआई के पी.डी. प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त रेलिंग के मरम्मत कार्य का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल रेलिंग की मरम्मत काफी नहीं है, बल्कि पुलिया का चौड़ीकरण कराया जाना बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क चौड़ी होने के बावजूद पुलिया संकरी होने के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। राहगीरों को भी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। कई लोगों ने पुलिया के तत्काल चौड़ीकरण की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
