भांवरकोल। क्षेत्र के मसोन ग्राम पंचायत अंतर्गत केवड़ा मौजा में खेत की खुदाई के दौरान तीन देवी-देवताओं की मूर्तियां मिलने से इलाके में कौतूहल और श्रद्धा का माहौल बन गया है। मूर्तियां मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार 13 मई को दिन करीब 12 बजे लोहरपुरा गांव निवासी धीरज राम के खेत में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादी जा रही थी। इसी दौरान खुदाई के बीच अचानक भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और शीतला मां की प्राचीन मूर्तियां मिट्टी से निकलकर ट्रैक्टर पर जा गिरीं। मूर्तियों को देखकर वहां मौजूद मजदूर और चालक घबरा गए तथा तुरंत खुदाई का कार्य रोक दिया।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने तीनों मूर्तियों को पास स्थित पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित कर धूप-दीप और प्रसाद चढ़ाकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जिस पीपल के पेड़ के नीचे मूर्तियां रखी गई हैं, वहां पहले से ही नेटवा वीर बाबा की पूजा होती रही है।
मूर्ति मिलने की सूचना गांव और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया। स्थानीय निवासी प्रमोद पटेल ने बताया कि अब लोग नियमित रूप से वहां पूजा-अर्चना और दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मौके पर पूजा करने वालों में पूजा देवी, धूप पांडेय, हीरालाल यादव, महेंद्र यादव, प्रमोद पटेल, संजय राम और भरोसा राम सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों का मानना है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से काफी प्राचीन हो सकता है। लोगों ने बताया कि केवड़ा मौजा में ही 11वीं शताब्दी का प्रसिद्ध योगमाया राजमती भगवानी मंदिर आज भी स्थित है, जहां नियमित पूजा-पाठ होती है। ऐसे में ग्रामीण अनुमान लगा रहे हैं कि जहां मूर्तियां मिली हैं, वहां भी प्राचीन काल में कोई मंदिर रहा होगा, जो समय के साथ मिट्टी में दब गया।
मूर्ति मिलने की घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।
