नंदगंज (गाजीपुर)। गाज़ीपुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शुमार नंदगंज बाजार में करोड़ों रुपये का कारोबार होने के बावजूद बैंकिंग व्यवस्था लोगों की जरूरतों के अनुसार पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही है। बाजार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों खाताधारकों ने क्षेत्र में एक और बड़े बैंक की शाखा खोलने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि वर्तमान में मौजूद बैंकों में अत्यधिक भीड़ और तकनीकी समस्याओं के कारण ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों और खाताधारकों ने बताया कि नंदगंज मुख्य बाजार में पहले से ग्रामीण बैंक, यूबीआई, स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक तथा एचडीएफसी बैंक सहित लगभग आधा दर्जन बैंक संचालित हैं, लेकिन क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे व्यापार और ग्राहकों की संख्या के मुकाबले यह व्यवस्था अब छोटी पड़ने लगी है। प्रतिदिन जमा-निकासी, ऑनलाइन लेनदेन, किसान भुगतान, व्यवसायिक ट्रांजैक्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए बैंकों में लंबी कतारें लगी रहती हैं।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार बैंक में घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाता। सर्वर डाउन, कैश की कमी और कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव के कारण लोगों को बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों को होती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नंदगंज बाजार केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के व्यापार और बैंकिंग का प्रमुख केंद्र बन चुका है। कृषि, खाद-बीज, कपड़ा, किराना, हार्डवेयर और अन्य व्यवसायों में रोजाना करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है। इसके बावजूद पर्याप्त बैंकिंग सुविधा नहीं मिल पाने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
क्षेत्र के व्यापारियों और सामाजिक लोगों ने सरकार तथा बैंक प्रशासन से मांग की है कि नंदगंज बाजार में एक और राष्ट्रीयकृत अथवा बड़े निजी बैंक की शाखा जल्द खोली जाए, ताकि ग्राहकों को राहत मिल सके और क्षेत्र के कारोबार को भी गति मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द नई बैंक शाखा नहीं खोली गई तो आने वाले समय में बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ जाएगी।
