बहादुरगंज । आज कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज में दो अलग अलग दुर्घटनाओं में दो की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका उपचार मऊ के निजी चिकित्सालय में चल रहा है,प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे बहादुरगंज वार्ड नंबर एक निवासी संजू देवी पत्नी राजकुमार मऊ में निजी अस्पताल में ड्यूटी करती है और गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज के अम्बेडकर तिराहे के पास बैठकर मऊ जाने का इंतजार कर रही थी कि अचानक एक ट्रेलर ने संजू देवी को धक्का मार दिया जिसके बाद वो अचेत हो गई,परिजन स्थानीय हॉस्पिटल में ले गए जहां कुछ देर इलाज के बाद संजू देवी की मौत हो गई, संजू देवी के तीन बेटों में से एक की मौत पहले ही हो चुकी है,जबकि दो बेटे और पति राजकुमार घर पर ही रहते है,संजू देवी घर में कमाने वाली इकलौती महिला थी,
वही दूसरी दुर्घटना सुबह 8.30 बजे मऊ गाजीपुर बॉर्डर पर सिउरा के पास हुई जिसमें अनुराग तिवारी पुत्र विनोद तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी देवली की मौके पर ही मौत हो गई जबकि साहिल पटेल उम्र 16 वर्ष का इलाज मऊ के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा है,अनुराग तिवारी बाइक से मऊ गाड़ी की सर्विसिंग के लिए जा रहा था ,तभी अचानक मऊ बॉर्डर पर मऊ के तरफ से आ रही ई रिक्शा से भीषण टक्कर हो गई जिससे अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई, अनुराग तिवारी की शादी अभी एक साल पहले ही हुई थी,पिता विनोद तिवारी और माता इंद्रवती का रो रोकर बुरा हाल है,वही पत्नी गुंजा अपने पति की मौत को सुनकर बेसुध सी हो गई है,अनुराग दो भाइयों में छोटा था,बड़ा भाई अभिषेक नोएडा में एक निजी कंपनी में कार्यरत है,अनुराग घर पर ही रहकर खेती बाड़ी का काम करता था,
हेलमेट लगाया होता तो बच जाती अनुराग की जान
अनुराग तिवारी ने मऊ जाते समय अपनी गाड़ी में ही हेलमेट रखा था लेकिन उसको लगाया नहीं था जिसने भी दृश्य को देखा यही कहा कि काश अगर अनुराग ने हेलमेट लगाया होता तो जान बच जाती,
चौकी इंचार्ज पुष्पेश दुबे ने मौके पर पहुंचकर ट्रेलर और ई रिक्शा को अपने कब्जे में लिया,जबकि दोनों शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए गाजीपुर भेज दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोग इस पर अलग अलाट ढंग से चर्चा करते दिखे। *पत्नी गुंजा के गर्भ में पल रहा 7 माह का बच्चा* अनुराग तिवारी की शाद को अभी एक साल ही बीते थे और उसका जीवन हसी खुशी के साथ बीत रहा था परन्तु इस भयंकर सड़क हादसे ने न सिर्फ गुंजा के सर से पति का साया ही नहीं छीना बल्कि एक बाप का सहारा भी छिन गया और अभी गुंजा के गर्भ में अनुराग का 7 माह का बच्चा भी पल रहा है जिसको लेकर सभी लोग प्रकृति के फैसले पर आश्चर्य करते हुए अपना अपना दुख प्रकट कर रहे हैं।
