युवकों के दो गुटों की रंजिश में मंगलवार रात भड़की हिंसा
परिजनों ने शव रखकर किया तीन घंटे जाम, सपा नेताओं ने जताया आक्रोश
लोक अधिकार
तमकुहीराज कुशीनगर । तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के मठिया गांव में मंगलवार की रात हुई 50 वर्षीय सलीम अंसारी की मृत्यु अब युवकों के बीच वर्चस्व की जंग का परिणाम बताई जा रही है। बताया गया कि दो गुटों के बीच लंबे समय से इलाके में दबदबा कायम करने को लेकर तनाव चल रहा था। आए दिन कहासुनी और टकराव की स्थिति बनी रहती थी। इसी रंजिश ने मंगलवार की रात हिंसक रूप ले लिया, जिसमें सलीम की जान चली गई।
बुधवार की सुबह मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर सलीम का शव सड़क पर रखकर तीन घंटे तक जाम लगाया। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे। पुलिस के समझाने व सपा नेता मोहम्मद इलियास अंसारी के हस्तक्षेप के बाद जाम समाप्त कराया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल व मृतक के घर से साक्ष्य एकत्र किए हैं। एक संदिग्ध वाहन व बाइक को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई है। मृतक के पुत्र नवी अंसारी की तहरीर पर चार नामजद व नौ अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज हुआ है।
गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। संभावित अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं तथा लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। परिजनों का कहना है कि सलीम अपने बेटे नवी के साथ मारपीट की शिकायत लेकर गए थे, तभी मनबढ़ों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सलीम की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
——
सपा प्रतिनिधिमंडल ने जताया रोष
– घटना की जानकारी मिलते ही सपा प्रतिनिधिमंडल विजय यादव के नेतृत्व में मठिया पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में संतोष तिवारी, चंद्रजीत यादव, राजन शुक्ला, अनुज शर्मा आदि शामिल रहे। नेताओं ने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई व कहा कि वर्चस्व की राजनीति में एक गरीब परिवार की खुशियां उजाड़ दी गईं। विजय यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार में गुंडों का मनोबल बढ़ा हुआ है, प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं चंद्रजीत यादव ने कहा कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती द्वेषपूर्ण मानसिकता का प्रतीक है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में मातम पसरा है, लोग सहमे हुए हैं और हर कोई यही कह रहा है कि वर्चस्व की जंग ने सलीम की जिंदगी छीन ली।


