-श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
कुशीनगर।
स्थानीय नगरपालिका परिषद के वार्ड नं 15 वीर सावरकर नगर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान सेवानिवृत्त प्रवक्ता मधुसूदन मिश्र एवं उनकी धर्मपत्नी नगावली देवी के निज निवास पर अपराह्न 2 बजे से प्रारम्भ हुआ।
कथा के द्वितीय दिन कथावाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री जी महाराज बृंदावन धाम वाले ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि सांसारिक मोह माया के त्याग से ही मोक्ष की प्राप्ति होगा। मानव जीवन अनेक प्रकार के मोह माया के जाल में फंसा रहता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मृत्यु के करीब आकर भी सांसारिक मोह माया में फंसा रहता उसे प्राण त्यागने में भी काफी कष्ट होता है।उन्होंने कहा कि जो पुत्र माता-पिता की सेवा करता है उसे तीर्थ धाम से ज्यादा पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान हो सकता है कि माता पिता आपको अपशब्द कहे फिर भी आप अपना अपमान त्याग कर उनकी सेवा भाव में लगे रहे यही आपके जीवन को सुगम बनाये गा। उन्होंने राजा परीक्षित को मोक्ष हेतु सुकदेव जी सुनाये गये कथा को वर्णन विस्तारपूर्वक बताया।
कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद एवं जड़ भरत के चरित्र का वर्णन सुनाया जायेगा।
इस दौरान पंडित दिनेश त्रिपाठी,ब्रदीनाथ पांडेय,आशुतोष मिश्र,अनुपम मिश्र,आरिव मिश्र,प्रतापनारायण तिवारी,अंजलि मिश्र,नम्रता मिश्र,रितु मिश्र,अवनी मिश्र,अर्चना तिवारी,बावूनन्द राय,अवधेश तिवारी,मोहित पांडेय,धीरज पांडेय,अनुराग चौबे आदि उपस्थित रहे।

