धर्मेंद्र भारद्वाज। मऊ
मऊ। जिले में आज योग गुरु स्वामी रामदेव के आगमन पर खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के लिटिल फ्लावर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक मुरलीधर यादव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य देश को ‘शिक्षा की गुलामी’ से मुक्त कराना है। उनके अनुसार वर्तमान में लागू लॉर्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली से देश को बाहर निकालना जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। यह बोर्ड आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरह की शिक्षा को जोड़ता है, जिसमें AI, गणित, विज्ञान सहित सभी विषय शामिल हैं, केवल संस्कृत तक सीमित नहीं है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में संस्कारों की कमी है, जबकि भारतीय शिक्षा बोर्ड में नैतिक मूल्यों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाला छात्र समाज विरोधी गतिविधियों से दूर रहेगा और जिम्मेदार नागरिक बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी देश के युद्ध का समर्थन नहीं करता और कुछ देश अपने कृत्यों को छिपाने के लिए गलत प्रचार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि देश के निर्माण में समाज की बड़ी भूमिका रही है और आगे भी शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को मजबूती दी जाएगी।
समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और शिक्षा सुधार को लेकर उनके विचारों को ध्यानपूर्वक सुना गया।
