धर्मेंद्र भारद्वाज / मऊ
प्रदेश भर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मऊ जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रदेश व्यापी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी महिलाएं शामिल रहीं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगी। कार्यकत्रियों का कहना है कि कोरोना काल में उन्होंने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया, घर-घर जाकर सर्वे, टीकाकरण, पोषण वितरण जैसे अहम कार्यों में अपनी जान जोखिम में डाली, लेकिन आज वही महिलाएं उपेक्षा की शिकार हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि उनसे हर सरकारी योजना में ड्यूटी ली जाती है, लेकिन इसके अनुसार उन्हें न तो वेतन दिया जाता है और न ही कोई स्थायी सुविधा। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी स्थिति और भी दयनीय हो जाती है, जब वे घर के किसी कोने में लाचार अवस्था में जीवन बिताने को मजबूर होती हैं।
धरना दे रहीं महिलाओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें किए गए कार्यों के अनुसार उचित वेतन दिया जाए, मानदेय बढ़ाया जाए, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
इस संबंध में आंगनबाड़ी संघ की जिला अध्यक्ष कंचन राय ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यदि जल्द ही मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब वे अपने हक की लड़ाई पीछे हटकर नहीं, बल्कि मजबूती से लड़ेंगी।
