गाजीपुर: डालिम्स सनबीम स्कूल गांधीनगर के प्रांगण में विभिन्न कक्षाओं में दीपावली पर्व के अवसर पर तोरण प्रतियोगिता, लालटेन प्रतियोगिता, दिया प्रतियोगिता ,पोस्टर प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।
डालिम्स सनबीम गांधीनगर स्कूल के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉक्टर प्रेरणा राय एवं अतिथि के रूप में मोहम्मदाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडेय द्वारा सरस्वती माता की प्रतिमा पर दीपशिखा को प्रज्वलित कर समारोह प्रारंभ किया गया।
उसके पश्चात सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया। हाउस वाइस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें रेड हाउस ग्रीन हाउस ब्लू हाउस एवं येलो हाउस आदि बच्चों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। जिसमें यह निश्चय कर पाना मुश्किल था किसे प्रथम पुरस्कार दिया जाए।
उसके पश्चात सुधाकर पाण्डेय ने ब्लू हाउस को विजेता घोषित किया एवं उन्हें पुरस्कृत किया गया ।
मुख्य अतिथि सुधाकर पांडेय ने विजेता को पदक और पुरस्कृत करते हुए विद्यालय दल के रूप में ब्ल्यू हाउस को विजेता, रेड हाउस को उपविजेता और ग्रीन-यलो को संयुक्त उपविजेता के रूप में पदक से अलंकृत कर प्रशस्ति दी ।
डालिम्स सनबीम स्कूल गांधी नगर के नीरव परिसर में वैविध्य आयोजित प्रतियोगिता को अपनी व्यवस्थित और सुसंस्कृत अभिकल्पन की अभिव्यक्ति नेहा राय द्वितीय ने दिया. समारोह को उप-प्रधानाचार्य अमित कुमार राय की संगति में विद्यालय के संकाय परिषद के सदस्यों सर्वश्री नरेंद्र राय, रितेश कुमार राय, जोखन यादव, तौसीफ़ अहमद ख़ान, आशु सिंह, अजित कुमार, अंजली राय, अनुज राय, अर्चना गुप्ता, आशुतोष यादव, अवधेश प्रसाद, धनंजय, दुर्गेश प्रताप सिंह, मधुलिका सिंह, माह-ए-तलअत, मुस्कान सोनी, नमो नारायण पांडेय, मोहम्मद मुक़ीम अंसारी, नंदिनी मिश्रा, नेहा राय, निधि राय, ओंकार नाथ तिवारी, पिंकी पांडेय, पूजा सिंह, प्रतिमा तिवारी, प्रवेश कुमार, रचना गुप्ता, रागिनी पांडेय, राजकुमारी सिंह, राम नारायण राय, रश्मि गुप्ता, रीता यादव, ऋतु यादव, रूपेश कुमार शर्मा, साक्षी मिश्रा, सत्येंद्र प्रताप सिंह, सीमा तिवारी, शालू गुप्ता, शेषनाथ यादव, श्वेता यादव, सूर्य सिंह, सुशील राय, विजय लक्ष्मी यादव, विनोद शर्मा, विश्वजीत सिंह, जाकिर अहमद, आरती सिंह, प्रिया राय, अर्शी फ़ातिमा, जागृति श्रीवास्तव, अजय कुमार पाल, रूपेश कुमार पांडेय, विश्वजीत सिंह आदि ने प्रयोजन के मूलक को अपने-अपने बौद्धिक श्रम से लालित्य की उर्जा दी।
