नंदगंज (गाज़ीपुर)।ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की 93वीं बैठक में पारित प्रस्तावों को लेकर दवा व्यापारियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश रिटेल केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के संगठन मंत्री पुनीत सिंघल (गाज़ीपुर)ने इन सिफारिशों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि यदि इन्हें लागू किया गया तो देश में दवा का व्यवसाय करना बेहद कठिन हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि 16 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित DTAB की इस बैठक के एजेंडे के बिंदु क्रमांक 2, 5, 7, 9 और 12 पर देशभर के केमिस्ट संगठनों ने अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत की हैं। सबसे बड़ी चिंता नई योग्यता शर्त को लेकर है, जिसमें थोक दवा व्यापार के लिए बीएससी डिग्री, दो वर्ष का अनुभव और फार्मेसी काउंसिल द्वारा संचालित 6 माह का स्किल डेवलपमेंट कोर्स अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
संगठनों का कहना है कि यह शर्त वर्तमान में कार्यरत लाखों व्यापारियों के लिए अव्यावहारिक है और इससे पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दवा वितरण प्रणाली केवल व्यापार नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य सुरक्षा, दवा की गुणवत्ता और नियामक नियंत्रण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सेवा है।
अंत में पुनीत सिंघल ने सभी केमिस्टों से अपील की कि वे संगठन भले अलग-अलग हों, लेकिन दवा व्यापार को बचाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।
