“सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद हिंदी को बनाया मुख्य विषय, विदेशी पैकेज ठुकरा कर चुना देश सेवा का मार्ग“
रिपोर्ट सूर्यकांत त्रिपाठी
गाज़ीपुर। मूल रूप से गाज़ीपुर जिले के नगसर गांव के निवासी और वर्तमान में कन्नौज में निवासरत वरिष्ठ साहित्यकार अजीत कुमार राय के सुपुत्र प्रांजल ने देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार सफलता का परचम लहराया है। प्रांजल की इस अभूतपूर्व सफलता से उनके पैतृक गांव नगसर सहित पूरे गाज़ीपुर और कन्नौज जनपद में हर्ष का माहौल है। प्रांजल की सफलता कई मायनों में खास है पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने अपनी मिट्टी और मातृभाषा से गहरा जुड़ाव बनाए रखा। इस अत्यंत कठिन परीक्षा में उन्होंने हिंदी को अपना मुख्य विषय चुना। उनके पिता और प्रख्यात साहित्यकार अजीत कुमार राय ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि प्रांजल ने अपने लक्ष्य को लेकर शुरू से ही पूरी स्पष्टता रखी थी। प्रांजल की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास आयरलैंड जैसे देश से भी काम करने का बुलावा आया था। फ्रांस के एफिल टावर से लेकर आयरलैंड तक के शानदार अवसरों और सुख-सुविधाओं को दरकिनार करते हुए, प्रांजल ने अपनी मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के प्रति समर्पित परिवार से आने वाले प्रांजल की इस सफलता पर उनके घर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है।
