भांवरकोल/गाजीपुर। क्षेत्र के शेरपुर खुर्द गांव में अनंत विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती के पावन सान्निध्य में आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ के अंतर्गत श्रीरामकथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचन के दौरान कथावाचक वृंदावन दास जी ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
जैसे ही राम जन्म की कथा आरंभ हुई, पूरा कथा स्थल “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए। कथावाचक महाराज ने बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया और रावण का आतंक चरम पर पहुंच गया, तब देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने अयोध्या के महाराज दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लिया। उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार केवल राक्षसों के संहार के लिए नहीं था, बल्कि धर्म की स्थापना और आदर्श जीवन का संदेश देने के लिए था।
राम जन्म प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर उपस्थित महिलाओं ने मंगलगीत गाने शुरू कर दिए और भगवान श्रीराम के स्वागत में पुष्पवर्षा की। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीराम केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श शासक के प्रतीक हैं। उनके जीवन से मनुष्य को सत्य, त्याग, कर्तव्य और संयम के पालन की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और कई भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं।
भक्ति संगीत, जयघोष और मंगलाचरण से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। साधकों ने इसे अपने जीवन के लिए प्रेरणादायक और आध्यात्मिक चेतना से भर देने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में विधिवत आरती उतारी गई,व्यासपीठ की आरती में शामिल हुए अतिथि
कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने भी व्यासपीठ की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महामृत्युंजय यज्ञ और श्रीरामकथा के इस आयोजन ने शेरपुर खुर्द गांव को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया है। कथा के माध्यम से धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
