गाजीपुर। मुहम्मदाबाद कोतवाली परिसर में सोमवार को डीजे संचालकों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने की, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
यह बैठक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च तक संचालित होंगी।
तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 डेसीबल और रात में 45 डेसीबल तक ध्वनि की अनुमति है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में 50 डेसीबल और रात में 40 डेसीबल की सीमा निर्धारित है।
उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर संबंधित डीजे संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से सभी डीजे संचालकों को नोटिस जारी करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी, अन्य उपनिरीक्षक तथा क्षेत्र के डीजे संचालक मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ किया कि परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
