कासिमाबाद, गाजीपुर। जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र से पुलिसिया उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक स्थानीय दुकानदार ने होमगार्ड्स और पुलिस कर्मियों पर बेरहमी से मारपीट करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया है।
पीड़ित नीरज कुशवाहा, जो वेदबिहारी पोखरा (खजुरी) में मिठाई और चाय की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि घटना की शुरुआत 29 जनवरी 2026 की रात लगभग 11:30 बजे हुई। गश्त पर आए दो होमगार्ड्स, जवाहिर यादव और सर्वेश सिंह ने नीरज से सिगरेट मांगी। दुकानदार द्वारा सिगरेट देने से मना करने पर वे नाराज होकर चले गए।
थाने में बर्बरता और धार्मिक अपमान
शिकायती पत्र के अनुसार, अगले दिन यानी 30 जनवरी को दोपहर करीब 12:00 बजे कासिमाबाद थाने की पुलिस चार पहिया वाहन से नीरज की दुकान पर पहुँची और उसे जबरन उठाकर थाने ले गई। आरोप है कि थाने के भीतर होमगार्ड सर्वेश सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने नीरज की बेरहमी से पिटाई की। मारपीट के दौरान पुलिसकर्मियों ने नीरज के सिर पर मौजूद हिंदुत्व का प्रतीक शिखा को जड़ से उखाड़ दिया।
“सिर्फ सिगरेट न देने जैसी छोटी सी बात पर पुलिस ने न केवल मेरे साथ मारपीट की, बल्कि मेरी धार्मिक आस्था का अपमान करते हुए मेरी चोटी भी उखाड़ दी।” — नीरज कुशवाहा (पीड़ित)
न्याय की गुहार
पीड़ित ने थाना अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपी पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के इस व्यवहार को लेकर काफी आक्रोश है।

