“भूमिहार ब्राह्मण सवर्ण समुदाय के मृत्युंजय तिवारी की पी आई एल पर सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई, बागी बलिया हुआ गौरवान्वित, संपूर्ण भारत के सवर्ण हुए गदगद”
संवाददाता – त्रिलोकी नाथ राय
बलिया। यूजीसी के काले कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। देश भर में सवर्ण समुदाय ने इस काले कानून को खत्म करने के लिए आंदोलन भी जारी रखा है। फिलहाल सवर्ण समुदाय के लिए राहत की खबर है।
उल्लेखनीय है कि भूमिहार ब्राह्मण समुदाय के डॉक्टर मृत्युंजय तिवारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने और पुनः विचार कर संशोधन करने का आदेश आने के बाद सवर्ण समुदाय में खुशी की लहर है।
खासकर भूमिहार ब्राह्मण समुदाय के लिए यह एक गर्व का क्षण है जब मृत्युंजय तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में पी आई एल दर्ज कराया और पूरे भारत से समर्थन प्राप्त किया। मृत्युंजय तिवारी बनारस से काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्र नेता प्रशांत राय चुन्नू, गौरीश सिंह और अन्य भूमिहार भाइयों ने इस मुहिम में साथ दिया और एक कदम जीत भी हासिल की।
डॉ मृत्युंजय तिवारी जी का सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वागत किया और उनकी इस पहल की प्रशंसा की। यह सचमुच एक बागी बलिया के भूमिहार ब्राह्मण समुदाय की जीत है
मृत्युंजय तिवारी जी की इस जीत पर पूरे भूमिहार ब्राह्मण समुदाय में जश्न का माहौल है। लोग उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। प्रशांत राय चुन्नू और गौरीश सिंह ने कहा कि यह जीत भूमिहार ब्राह्मण समुदाय के लिए एक नया अध्याय है और हम आगे भी इस तरह की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
इस अवसर पर ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र राय बबलू ने कहा कि मृत्युंजय तिवारी द्वारा किया गया कार्य अत्यंत सराहनीय है।और ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन समाज हित में सदैव तत्पर है।
बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश राय, कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश राय, महासचिव जितेंद्र राय बबलू, सचिव दुर्गेश राय, संगठन मंत्री जयेश मिश्रा, डॉक्टर दिवाकर राय, प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय, सहित तमाम सवर्ण समुदाय के सम्मानित जन, सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख, पत्रकार आदि थे।
