रिपोर्ट सूर्यकांत त्रिपाठी
सीने पर गोली खा लेंगे, लेकिन बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे!- निमेष पांडेय
गाजीपुर: आज गाजीपुर का सरजू पांडेय पार्क सवर्ण समाज के आक्रोश और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। क्षत्रिय महासभा, ब्राह्मण जनसेवा मंच, पूर्वांचल छात्र सेना, कायस्थ महासभा, ब्राह्मण रक्षा दल, राष्ट्रवादी जन संग्रह और सवर्ण हिंद फौज के संयुक्त तत्वाधान में यूजीसी के नए दिशानिर्देशों को काला कानून बताते हुए विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्वांचल छात्र सेना के प्रदेश संयोजक निमेष पांडेय ने किया, जिनके तीखे तेवरों ने प्रशासन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।
यह कानून बच्चों की गर्दन पर लटकती नंगी तलवार है
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए निमेष पांडेय ने दहाड़ लगाई और कहा कि सरकार जिसे सुधार बता रही है, वह असल में सवर्ण समाज के नौजवानों को अपराधी बनाने की साजिश है। उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा, यह कानून एक नंगी तलवार है जो हमारे बच्चों की गर्दन काटते हुए निकल जाएगी। इस कानून से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, वे पढ़ाई की जगह मुकदमेबाजी में फसेंगे।
निमेष पांडेय ने खुले मंच से चेतावनी देते हुए कहा, इस काले कानून को हटाने के लिए अगर हमें गर्दन भी कटानी पड़े या सीने पर गोली भी खानी पड़े, तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे। गलत के खिलाफ खुलकर विरोध करना हमारी नियति है।
क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि-
“यह सरकार शिक्षा के मंदिरों में भी जातिवाद का जहर घोल रही है। उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि जिस दिन हमें आत्मदाह करना पड़ा, उससे पहले हम इस सरकार का दाह संस्कार करेंगे। सत्ता तभी तक है, जब तक हम हैं।”
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के उपरांत जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में निमेष पांडेय और सवर्ण संगठनों ने तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं-
समिति में सवर्ण भागीदारी: यूजीसी की निगरानी में जो भी समिति बने, उसमें सवर्ण समाज का सदस्य अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
झूठी शिकायतों पर दंड: झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और सख्त सजा का प्रावधान हो, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो सके।
काला कानून वापस हो: इस यूजीसी कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
31 जनवरी को फिर होगा बड़ा आंदोलन
वक्ताओं ने साफ कर दिया कि यह लड़ाई अभी शुरू हुई है। निमेष पांडेय ने घोषणा की कि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। आगामी 31 जनवरी को सरजू पांडेय पार्क में दोबारा भारी संख्या में एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस विशाल प्रदर्शन में पूर्वांचल छात्र सेना और अन्य संगठनों के दिग्गज मौजूद रहे। मुख्य रूप से शिवम उपाध्याय, अंशु पांडेय, उमेश पांडेय, गोपाल पांडेय, अभिषेक तिवारी, विवेक तिवारी, मनीष तिवारी, कृष्णानंद उपाध्याय, विवेकानंद पांडेय, ऋषिकांत श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, राजू उपाध्याय, अनूप उपाध्याय, सौरभ तिवारी, अजीत उपाध्याय, राहुल दुबे, अमित पांडेय, अखिलेश पांडेय, मोनू तिवारी, धनंजय मिश्रा, विराट पांडेय, शिवम चौबे, राहुल तिवारी, राज कुमार सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अमन सिंह, अभय सिंह, छोटू सिंह, दिव्यांशु सिंह, आशीष सिंह, भोलू सिंह, दीपू सिंह, आनंद मोहन सिंह, अरविंद सिंह, काजू सिंह, चंदन सिंह, शेरू सिंह और सत्यजीत सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
