गाजीपुर भांवरकोल। रिपोर्ट अभिषेक राय
धर्म, आस्था और सनातन संस्कारों की पावन त्रिवेणी के साक्षात दर्शन का सुअवसर ग्रामसभा तरका अमरूपुर की पुण्यभूमि पर आने वाला है। भगवान श्री लक्ष्मीनारायण की असीम कृपा से यहां श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है, जो 24 जनवरी 2026 से 2 फरवरी 2026 तक सम्पूर्ण क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगा।
इस महायज्ञ का पावन संचालन श्री श्री 1008 श्री आचार्य संत परम पूज्य रामलखन दास शास्त्री जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में होगा। जैसे ही यज्ञ की अग्नि प्रज्वलित होगी, वैसे ही ग्राम-ग्राम, जन-जन में धर्म, सद्भाव और पुण्य का प्रकाश फैल जाएगा। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस यज्ञ से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और मंगल का वास होगा।
24 जनवरी की प्रातः भव्य कलश यात्रा और शोभा यात्रा के साथ पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठेगा। माताओं-बहनों के सिर पर कलश, युवाओं के हाथों में ध्वज-पताकाएं और संतों के आशीर्वचनों से तरका अमरूपुर की गलियां किसी तीर्थधाम से कम नहीं प्रतीत होंगी। इसके बाद पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, अरणी मंथन और अग्नि प्राकट्य जैसे वैदिक अनुष्ठान आत्मा को शुद्ध करने का अद्भुत माध्यम बनेंगे।
महायज्ञ के दौरान अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक आचार्य सुधीश दुबे जी, यज्ञ संरक्षक पुज्य संजय शास्त्री जी महाराज, पुज्य आचार्य अमित शास्त्री जी तथा अंतरराष्ट्रीय काव्यवाचिका परम पूज्य देवी प्रतिमा जी के श्रीमुख से निकलने वाले अमृतवचन श्रद्धालुओं के हृदय को भक्ति से सराबोर कर देंगे। साथ ही रासलीला मंडली की प्रस्तुतियां भक्तों को वृंदावन की अनुभूति कराएंगी।
1 फरवरी को यज्ञ पूर्णाहुति के साथ जहां वातावरण भाव-विभोर हो उठेगा, वहीं 2 फरवरी को विशाल यज्ञ भंडारे में जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर सभी श्रद्धालु एक पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे—यही सनातन परंपरा की सच्ची पहचान है।
आयोजन समिति एवं यज्ञाधीश के कृपापात्र शिष्यों ने समस्त ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों और दूर-दराज से आने वाले भक्तों से भावपूर्ण अपील की है कि वे इस पुण्य अवसर पर तन, मन और धन से सहयोग कर अपने जीवन को धन्य बनाएं। यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कारों की पुनर्स्थापना और समाज को जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक महापर्व है।
