गाजीपुर : अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए गाजीपुर पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। करंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बिना गौ तस्करों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में एक शातिर अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि पुलिस ने पिकअप में क्रूरतापूर्वक लादे गए 15 गोवंशों को मुक्त करा लिया है।
जान पर खेलकर पुलिस ने की घेराबंदी
घटनाक्रम के अनुसार, थानाध्यक्ष करंडा अशोक कुमार गुप्ता अपनी टीम के साथ चेकिंग अभियान पर थे। मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि चोचकपुर की तरफ से एक पिकअप वाहन में गौवंश को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल मैनपुर बाजार के पास घेराबंदी की।
खुद को घिरता देख बोलेरो पिकअप सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की एक गोली शातिर अपराधी रोहन यादव के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। अंधेरे का फायदा उठाकर उसका एक साथी भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।
शातिर अपराधी का कच्चा चिट्ठा
गिरफ्तार अभियुक्त रोहन यादव निवासी देवचन्दपुर, गाजीपुर कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह एक हिस्ट्रीशीटर है, जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। उस पर गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और फतेहपुर सहित कई जनपदों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
बरामदगी ने खोली तस्करी की पोल
पुलिस ने मौके से जो बरामदगी की है, वह बताती है कि ये तस्कर पूरी तैयारी के साथ निकले थे:
15 राशि गोवंश (जिन्हें पिकअप में ठूंस-ठूंस कर भरा गया था)।
01 अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस।
पिकअप वाहन (UP67BT0161)।
मुठभेड़ में घायल होने के बावजूद, गाजीपुर पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए घायल बदमाश को तत्काल सीएचसी करंडा में उपचार के लिए भर्ती कराया।
“पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोवंश की रक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए अभियान इसी तरह जारी रहेगा। बदमाशों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
