अपनी प्यारी कर्मभूमि की मिट्टी को प्रणाम कर छः साल बाद अपनी लोकसभा में आए पूर्व सांसद अतुल राय
मऊ-मऊ की घोसी लोकसभा से पूर्व सांसद अतुल राय आज लगभग साढे छः साल बाद मऊ की सीमा में प्रवेश किए हैं। बताते चलें कि गाजीपुर से मऊ की सीमा भैंसही नदी के पुल पर उतरकर मऊ की माटी को माथे पर लगाकर अपनी प्रिय लोकसभा घोसी में पूर्व सांसद अतुल राय ने प्रवेश किया। गौरतलब है कि 2019 के आम लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए अतुल राय अभी सही ढंग से घोसी लोकसभा की जनता से मिल भी नहीं पाए थे कि उनके ऊपर यौन शोषण का आरोप लग गया जिसके बाद आत्मसमर्पण करने के बाद जेल में रहते हुए अतुल राय भारी मतों से चुनाव जीत गए बाद में धीरे-धीरे कोर्ट की प्रक्रिया चली साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अतुल राय इस केस से बाईज्जत बरी हो गए। बताना जरूरी है की जेल में रहते हुए भी सरकार की नजर टेढ़ी होने के कारण अतुल राय पर कई फर्जी मुकदमे लगे जो धीरे-धीरे समय के साथ साल्व होते चले गए, साथ ही आरोप लगाने वाली लड़की एवं साजिश कर्ता लड़का भी फंसाने के चक्कर में आत्मदाह करके अपनी लीला समाप्त कर लिए इस केस में सांसद अतुल राय एवं पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर पर गैंगस्टर लगा जो प्रचलन में होने के कारण पूर्व सांसद अतुल राय सामान्य रूप से जनता में घूम नहीं पा रहे थे। अब कोर्ट से परमिशन मिलने के बाद वह अपनी प्रिय जनता से मिलने आए हैं। इस क्रम में वह जिनके यहां शोक सूचना हुई है उनका दरवाजा कर उनके परिवार से मिलकर शांत्वना देंगे। अतुल राय के इस दौरे और काफिले को देखकर मऊ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
