तुलसी जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, रामचरितमानस के सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों पर हुआ विस्तार से चिंतन


– तुलसी जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, रामचरितमानस के सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों पर हुआ विस्तार से चिंतन

– ब्राह्मण विकास परिषद मऊ द्वारा चंद्रभानपुर स्थित कार्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन

मऊ – गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर ब्राह्मण विकास परिषद, मऊ के तत्वावधान में परिषद के कार्यालय चंद्रभानपुर (निकट पंचदेव मंदिर) पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने रामचरितमानस की प्रासंगिकता, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों तथा जीवन कौशल पर विस्तार से चर्चा की।

ब्राह्मण विकास परिषद के संरक्षक रामजी उपाध्याय ने कहा कि रामचरितमानस न केवल धार्मिक ग्रंथ है बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का आधार भी है। वर्तमान समय में यह ग्रंथ व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक जीवन के लिए मार्गदर्शक है।

परिषद के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने अपने वक्तव्य में कहा, “रामचरितमानस पारिवारिक रिश्तों के प्रेम, त्याग और समर्पण के महत्व को दर्शाता है। यह ग्रंथ हमें सही मार्ग पर चलने और जीवन को बेहतर बनाने की कला सिखाता है। ‘परहित सरिस धर्म नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधमाई’ — इस चौपाई को जीवन में उतार लेने से जीवन में किसी प्रकार की समस्या नहीं रहेगी।”

वरिष्ठ वक्ता जय नारायण द्विवेदी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न जैसे चरित्रों के माध्यम से जीवन कौशल और उच्च आदर्शों का चित्रण किया है। रामचरितमानस हमें सिखाता है कि हम दूसरों की बात सुनें, सम्मान करें और सहानुभूति रखें।

परिषद के मंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने संचालन करते हुए कहा, “सियाराम में सब जग जानी, करहु प्रणाम जोरि जुग पानी” — यह भाव यदि समाज में विकसित हो जाए, तो सभी प्रकार के द्वेष समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने रामचरितमानस की कुछ विवादित चौपाइयों को शास्त्रीय दृष्टिकोण से स्पष्ट किया और बताया कि समाज में इनके गलत अर्थ निकालकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तुलसीदास जी की भावना नारी के सम्मान की है, न कि अपमान की।

कार्यक्रम को मृत्युंजय तिवारी, हरेंद्र मिश्रा, परमानंद पांडेय, विजय शंकर तिवारी, डॉ. सर्वानंद पांडेय, डॉ. उमापति द्विवेदी, विजय शंकर पांडेय सहित कई विद्वानों ने संबोधित किया और रामचरितमानस की वर्तमान समय में उपयोगिता पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर पंकज उपाध्याय, जयप्रकाश मिश्रा, नित्यानंद पांडे, राजीव द्विवेदी, नागेंद्र मिश्रा सहित कई सम्मानित जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परिषद के मंत्री संजय कुमार त्रिपाठी ने सफलतापूर्वक किया।

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