गाजीपुर। भांवरकोल स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तरका निवासी 48 वर्षीय अब्बर अंसारी पुत्र रसीद अंसारी का शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात गमगीन माहौल में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बताया जाता है कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब्बर अंसारी करीब 12 वर्ष पहले रोज़गार की तलाश में दुबई चले गए थे। वहीं नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, जिससे धीरे-धीरे घर की स्थिति भी सुधरने लगी थी।
परिजनों के अनुसार बीते 3 मार्च को दुबई में अचानक सीने में तेज दर्द होने के बाद हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी दुबई में ही काम कर रहे उनके चचेरे भाई साजिद अंसारी ने फोन पर परिवार को दी। सूचना मिलते ही घर में मातम छा गया।
परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या शव को दुबई से गांव लाने की थी। इस संबंध में जानकारी मिलने पर अफजाल अंसारी (सांसद, गाजीपुर) ने मृतक की कंपनी से बात कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसके बाद शव को केमिकल प्रक्रिया के साथ ताबूत में सुरक्षित कर हवाई जहाज से 14 मार्च की सुबह बेंगलुरु भेजा गया, जहां से उसी दिन शव वाराणसी पहुंचा और फिर गांव तरका लाया गया।
शव गांव पहुंचते ही परिजनों में करुण क्रंदन मच गया। पत्नी नगमा, तीन पुत्र और तीन पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के बड़े भाई गुलाब रसूल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे गांव के कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में उनका सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
