रिपोर्ट: अभिषेक राय
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी को लेकर की गई बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम की आपत्तिजनक टिप्पणी पर मुहम्मदाबाद के भाजपा नेता पीयूष कुमार राय ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि रमज़ान जैसे पवित्र महीने में भी मौलाना अब्दुल्ला सलीम जैसे लोग समाज में नफरत फैलाने और मर्यादाओं को तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कि मां को अपशब्द कहने के साथ गौमाता को लेकर भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जो बेहद निंदनीय है।
पीयूष कुमार राय ने कहा कि किसी भी जननेता की मां के बारे में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और समाज की मूल भावनाओं पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करते हैं और मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
दरअसल यह विवाद तब सामने आया जब बिहार के अररिया जिले में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने कथित रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया में मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं इस बयान के विरोध में कई शहरों में प्रदर्शन भी देखने को मिले। लखनऊ के हजरतगंज और वाराणसी के मैदागिन चौराहे पर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने मौलाना का पुतला फूंककर गिरफ्तारी की मांग की।
भाजपा नेता पीयूष कुमार राय ने कहा कि देश की सभ्यता और संस्कृति को आहत करने वाली ऐसी मानसिकता के खिलाफ समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
