धर्मेन्द्र भारद्वाज |मऊ
मऊ। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। शिक्षकों ने शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के हालिया बयान के विरोध में पुतला दहन का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस और एलआईयू कर्मियों ने रोक दिया। इस दौरान शिक्षकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
शिक्षकों का कहना है कि दो दिन पहले संसद में एक सवाल के जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री ने सेवा में बने रहने के लिए सभी शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य बताए जाने की बात कही थी। इसी बयान से नाराज़ शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के बयान की प्रतियां जलाने और पुतला फूंकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर पुतला अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर तक परिसर में नारेबाजी और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना अन्याय है और यह निर्णय शिक्षकों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जनपद शाखा मऊ के तत्वावधान में हुए इस प्रदर्शन में कृष्णानंद राय, अखिलेश्वर शुक्ला, मनमोहन पांडे, जगमोहन सिंह, सूर्यभान शर्मा, परवेज अंसारी, राशिद जमाल, अंजनी कुमार सिंह, राम केरयादव, अमित सिंह, सुजीत राय, दिनेश, राजेश राय, सुरेंद्र यादव और डॉ. शहनवाज सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। शिक्षकों ने सरकार से टीईटी अनिवार्यता संबंधी बयान पर पुनर्विचार की मांग दोहराई है।
